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Rampur Bushahar News: सेब की अच्छी पैदावार के लिए बगीचे में 33 प्रतिशत परागण किस्में आवश्यक

Sun, 10 Mar 2024 05:07 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Mar 2024 05:07 PM IST
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विशेषज्ञों ने बागवानों को दी योजना के साथ बगीचा तैयार करने की सलाह
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संवाद न्यूज एजेंसी

रोहड़ू। बागवान इन दिनों नए पौध रोपने और ग्राफ्टिंग के कार्य में जुटे हैं। बागवानों को नया बगीचा लगाते समय कई अहम बातों का ध्यान देना आवश्यक है। बागवानी विशेषज्ञों ने सेब की अच्छी पैदावार के लिए बगीचों में 33 प्रतिशत परागण किस्में तैयार करने की सलाह दी है। सेब की अच्छी पैदावार के लिए बगीचे में परागण की किस्में पर्याप्त मात्रा में होनी आवश्यक है। आमतौर पर बागवान बगीचा तैयार करते समय परागण किस्म को लगाने की ओर अधिक ध्यान नहीं देते हैं। इसका खामियाजा उन्हें भविष्य में उठाना पड़ता है। नए पौधे रोपने और नई पौध पर ग्राफ्टिंग करते हुए बागवानों को परागण किस्म लगाने की योजना बनानी चाहिए। बगीचों में चार से पांच प्रकार की परागण किस्में होनी आवश्यक है। परागण किस्मों में गोल्डन डिलिशियस और रेड गोल्डन मुख्य है। इसके अलावा रायल सेब के बगीचे के लिए ग्रैनी स्मिथ, समरक्वीन, गलोस्टर मुख्य परागण की किस्में है। स्पर सेब के बगीचे के लिए स्पार्टन, गोल्डन स्पर, क्रैब सेब की किस्में परागण के लिए अच्छी मानी जाती है। उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डाॅ. संजय चौहान ने बताया कि बागवान परागण किस्म के सेब लगाने की ओर अधिक ध्यान नहीं देते हैं। सेब की अच्छी पैदावार के लिए बगीचे में परागण होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बागवानों को बगीचा सोच समझकर योजना के साथ लगाना चाहिए। बगीचे में 33 प्रतिशत परागण किस्में होनी आवश्यक है। परागण की चार से पांच किस्में बगीचे में लगानी चाहिए, तभी सेब की अच्छी पैदावार होगी।
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