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पानी की किल्लत : आबाद रोखटु गांव से पलायन करने को मजबूर ग्रामीण

Mon, 25 Dec 2023 07:17 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Dec 2023 07:17 PM IST
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आनी खंड की कराणा पंचायत के गांव की अनदेखी लोगों पर पड़ रही भारी, जीवन का गुजर बसर हुआ मुश्किल
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पांच परिवार कर चुके हैं पलायन, दस परिवार दूसरे गांव से ढोकर ला रहे पीने का पानी

हरिकृष्ण शर्मा

आनी (कुल्लू)। आनी खंड की कराणा पंचायत के रोखटु गांव सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहा है। हालत यह है कि पानी की किल्लत के कारण गांव के लोग पलायन करने को मजबूर है। अभी तक पांच परिवार गांव छोड़कर दूसरी जगह जा चुके हैं जबकि यहां रहने वाले दस परिवारों के लिए सरकार आज तक पानी की व्यवस्था नहीं कर पाई है। मजबूरी में यह परिवार दूसरे गांव से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। हालत यह है कि उनके सामने भी पलायन करने की नौबत आ गई है। जानकारी के मुताबिक रोखटु गांव से दूर के एक पेयजल स्रोत से पानी की पुरानी पेयजल लाइन गांव के लिए बिछाई गई है लेकिन स्रोत में पर्याप्त पानी न होने और पुरानी लाइन में जंग लगने से काफी कम मात्रा में पानी पहुंचता है, जो प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा इन ग्रामीणों को किसी भी पेयजल योजना से नहीं जोड़ा गया है, जबकि नेता चुनावों के दौरान उन्हें पेयजल मुहैया करवाने के लाख वादे करते हैं लेकिन वोट बटोरने के बाद भूल जाते हैं। पूर्व पंचायत प्रधान रामधन, ग्रामीण मीना राम, सोहन लाल, ज्ञान चंद, राजेंद्र कुमार, किशन चंद और टेला देवी ने बताया कि वे पेयजल किल्लत के चलते साथ लगते मिश्ता गांव से पानी ढोकर गुजारा कर रहे हैं। यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है। अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले उनके गांव में सरकार ने किसी भी योजना से नहीं जोड़ा है। शमशर से क्षेत्र के लिए एक उठाऊ सिंचाई योजना का काम भी इन दिनों जोरों पर चलहै, लेकिन उन्हें इस आठ करोड़ की लागत से बनने वाली उठाऊ सिंचाई योजना से भी बाहर रखा गया। पेयजल समस्या के चलते दो दशक पूर्व चेतराम, भलखू राम, चुनीलाल, संगत राम और रामधन गांव छोड़कर पांच किलोमीटर दूर दूसरी जगह बस चुके हैं। दशकों के बाद भी गांव की समस्या का किसी भी सरकार ने समाधान नहीं किया। कराणा पंचायत की प्रधान आशा ठाकुर ने बताया कि गांव के लिए कोई भी पेयजल स्रोत नहीं है, जहां से ग्रामीणों को पेयजल लाइन से जोड़ा जा सके। पूर्व में उठाऊ पेयजल योजना से भी गांव को वंचित रखा गया है, जबकि अन्य निर्माणाधीन सिंचाई योजना से भी गांव बाहर है।

कोट्स
रोखटु के ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए मौके पर जेई भेजा जाएगा। इस गांव को पेयजल और उठाऊ सिंचाई योजना से जोड़ने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जल्द समस्या को दूर किया जाएगा।
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किशोर शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग आनी
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