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Rampur Bushahar News: एनएच बाधित होने से बागवानों ने रोका सेब तुड़ान का कार्य
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टापरी फल मंडी में दूसरे दिन भी थमे रहे सेब सीजन में लगे वाहनों के पहिए। स्रोत : संवाद
बीरबल नेगी
भावानगर (किन्नौर)। भारी भूस्खलन के कारण किन्नौर के निगुलसरी में नेशनल हाईवे बाधित होने से जिले में सेब तुड़ान का कार्य बागवानों ने रोक दिया है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से फल मंडी टापरी पहुंची सेब की करीब 12 हजार पेटियां भी फंस गई हैं। शनिवार को मंडी में सेब से लदे ट्रक दूसरे दिन भी फंसे रहे। इससे हजारों बागवानों को अपनी फसल मंडी पहुंचाने की चिंता बढ़ गई है।
एनएच अवरुद्ध होने से किसानों को एक बोरी मटर को दूसरी ओर पहुंचाने के लिए छह सौ रुपये ढुलाई देनी पड़ रही हैं। ऐसे में किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। किन्नौर जिले के हजारों ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य साधन सेब है। सीजन के समय नेशनल हाईवे अवरुद्ध होने से बागवान परेशान हैं। निगुलसरी में करीब 400 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में किसानों और बागवानों को अपनी फसल मंडी पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वीरवार तक किन्नौर जिले की टापरी मंडी में करीब 12 हजार पेटियां पहुंच गई थी, जो अभी भी मंडी में खड़े ट्रकों में लोड हैं।
वहीं जिले के रूनंग, रिब्बा, रिस्पा, पूर्वणी, पोवारी, रल्ली, मेबर, कल्पा के दाखो, कश्मीर, निचार, सुंगर, पौंडा, कफोर, कंगोस, चौरा, छोटा कंबा, बड़ा कंबा, बरी, तरांडा, निगुलसरी, नाथपा, रूपी, काचरंग, रॉकचरंग, रामनी, जानी, चगांव, युला, उरनी, मीरू, किल्बा, पोवारी, कल्पा और पांगी क्षेत्रों में इन दिनों सेब सीजन जोरों पर चल रहा है।
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मार्ग बंद होने की सूचना मिले ही इन क्षेत्रों के बागवानों ने सेब तुड़ान का कार्य रोक दिया है। अगर समय पर निगुलसरी में सड़क बहाल नहीं होती है तो बागवानों को नकदी फसल वाया काजा, मनाली होकर प्रदेश और देश की विभिन्न मंडियों में पहुंचानी पड़ेगी। ऐसे में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना होगा।
वहीं जिले में मटर का सीजन भी चल रहा है। मार्ग बाधित होने के कारण किसान निगुलसरी में पहाड़ी से पैदल रास्ता तयकर मजदूरों से मटर की फसल मंडियों दूसरी ओर पहुंचा रहे हैं। ऐसे में किसानों को एक बोरी मटर के लिए करीब 600 रुपये ढुलाई देनी पड़ रही हैं। हालांकि जिला प्रशासन दुमती में स्पेन लगवा रहा है। इसके जरिये आगामी दिनों में मटर और सेब की फसल मंडी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
बागवान अनिल नेगी, विमल नेगी, राजेश नेगी, कमल नेगी, राज कुमार नेगी, योगराज नेगी, प्रवीन नेगी, अनु नेगी, प्रमोद नेगी और रघुदास नेगी सहित अन्य बागवानों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और एनएचएआई से जल्द मार्ग को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिले में सेब सीजन रफ्तार पकड़ रहा है। ऐसे में मार्ग बहाली पर हजारों बागवानों की नजरें टीकी हुई हैं।
किसान और बागवानों की सेब और मटर की फसल को मंडी पहुंचाने के लिए निगुलसरी के दुमती में स्पेन निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द ही बागवानों की फसलों को मंडी पहुंचाने की उचित व्यवस्था की जाएगी।
तोरुल एस रवीश, उपायुक्त किन्नौर
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भावानगर (किन्नौर)। भारी भूस्खलन के कारण किन्नौर के निगुलसरी में नेशनल हाईवे बाधित होने से जिले में सेब तुड़ान का कार्य बागवानों ने रोक दिया है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से फल मंडी टापरी पहुंची सेब की करीब 12 हजार पेटियां भी फंस गई हैं। शनिवार को मंडी में सेब से लदे ट्रक दूसरे दिन भी फंसे रहे। इससे हजारों बागवानों को अपनी फसल मंडी पहुंचाने की चिंता बढ़ गई है।
एनएच अवरुद्ध होने से किसानों को एक बोरी मटर को दूसरी ओर पहुंचाने के लिए छह सौ रुपये ढुलाई देनी पड़ रही हैं। ऐसे में किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। किन्नौर जिले के हजारों ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य साधन सेब है। सीजन के समय नेशनल हाईवे अवरुद्ध होने से बागवान परेशान हैं। निगुलसरी में करीब 400 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में किसानों और बागवानों को अपनी फसल मंडी पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वीरवार तक किन्नौर जिले की टापरी मंडी में करीब 12 हजार पेटियां पहुंच गई थी, जो अभी भी मंडी में खड़े ट्रकों में लोड हैं।
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वहीं जिले के रूनंग, रिब्बा, रिस्पा, पूर्वणी, पोवारी, रल्ली, मेबर, कल्पा के दाखो, कश्मीर, निचार, सुंगर, पौंडा, कफोर, कंगोस, चौरा, छोटा कंबा, बड़ा कंबा, बरी, तरांडा, निगुलसरी, नाथपा, रूपी, काचरंग, रॉकचरंग, रामनी, जानी, चगांव, युला, उरनी, मीरू, किल्बा, पोवारी, कल्पा और पांगी क्षेत्रों में इन दिनों सेब सीजन जोरों पर चल रहा है।
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मार्ग बंद होने की सूचना मिले ही इन क्षेत्रों के बागवानों ने सेब तुड़ान का कार्य रोक दिया है। अगर समय पर निगुलसरी में सड़क बहाल नहीं होती है तो बागवानों को नकदी फसल वाया काजा, मनाली होकर प्रदेश और देश की विभिन्न मंडियों में पहुंचानी पड़ेगी। ऐसे में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना होगा।
वहीं जिले में मटर का सीजन भी चल रहा है। मार्ग बाधित होने के कारण किसान निगुलसरी में पहाड़ी से पैदल रास्ता तयकर मजदूरों से मटर की फसल मंडियों दूसरी ओर पहुंचा रहे हैं। ऐसे में किसानों को एक बोरी मटर के लिए करीब 600 रुपये ढुलाई देनी पड़ रही हैं। हालांकि जिला प्रशासन दुमती में स्पेन लगवा रहा है। इसके जरिये आगामी दिनों में मटर और सेब की फसल मंडी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
बागवान अनिल नेगी, विमल नेगी, राजेश नेगी, कमल नेगी, राज कुमार नेगी, योगराज नेगी, प्रवीन नेगी, अनु नेगी, प्रमोद नेगी और रघुदास नेगी सहित अन्य बागवानों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और एनएचएआई से जल्द मार्ग को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिले में सेब सीजन रफ्तार पकड़ रहा है। ऐसे में मार्ग बहाली पर हजारों बागवानों की नजरें टीकी हुई हैं।
किसान और बागवानों की सेब और मटर की फसल को मंडी पहुंचाने के लिए निगुलसरी के दुमती में स्पेन निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द ही बागवानों की फसलों को मंडी पहुंचाने की उचित व्यवस्था की जाएगी।
तोरुल एस रवीश, उपायुक्त किन्नौर