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Rampur Bushahar News: उद्यान विभाग सड़क के किनारे बेचे जा रहे दो हजार सेब के गैर प्रमाणित पौधों को किया नष्ट
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विक्रेताओं ने उठाए सवाल, पहले प्रदेश के बाहर से आ रही सस्ती नर्सरी के प्रवेश को रोके विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नियमों को ताक पर रखकर सड़कों के किनारे बेचे जा रहे सेब के गैर प्रमाणित पौधे बेचने वालों के खिलाफ उद्यान विभाग की टीम ने मंगलवार को शिकंजा कसा। विभाग ने सड़क के किनारे नियमों के विपरीत बेचे जा रहे करीब 2,000 पौधे नष्ट किए। अमर उजाला ने एक दिन पहले ही सड़कों के किनारे बेचे जा रहे सेब के पौधों को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद उद्यान विभाग ने कार्रवाई करते हुए ऐसे विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उद्यान विभाग की टीम ने मंगलवार को रोहड़ू बाजार के शिकड़ी पुल, मक्खी नाला के पास सेब पौधों की गैर प्रमाणित और रोगग्रस्त चौदह सौ पौधों को नष्ट करने का दावा किया। समोली में करीब छह सौ पौधों को नष्ट किया गया। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान उन्हें चेतावनी दी गई सेब के गैर प्रमाणित पौधे बेचने वालों पर सरकार ने सख्ती से निपटने के आदेश जारी किए हैं। हर साल सर्दियों में रोहड़ू उपमंडल में ही सेब की गैर प्रमाणित लाखों पौधे बेचकर करोड़ों का कारोबार होता है। बताते हैं कि कश्मीर से तीन, चार रुपये में सेब की बिना ग्राफ्ट पावली मंगवाकर बिचौलिए यहां 40 रुपये तक बेच रहे हैं। टेबल ग्राफ्ट के बाद उसी पौधे को दो सौ से तीन सौ रुपये में बेचा जाता है। इस कार्रवाई के बाद बिचौलिए के खेतों में प्रदेश के बाहर से पहुंचे लाखों पौधे गैर प्रमाणित खेतों में दबाए गए हैं। अब बारिश के बाद मांग बढ़ने पर उनको पंजीकृत नर्सरी के नाम पर बेचा जाता है। विभाग की ओर से हुई कार्रवाई पर विक्रेताओं ने सवाल खडे़ किए हैं। उनका कहना है कि जो पौधे अपने खेत में पंजीकरण से तैयार किए उनकी लागत अधिक होने के कारण गांव में कोई खरीदार पहुंचने को तैयार नहीं है। प्रदेश के बाहर से पहुंच रहे सस्ते पौधे बिक रहे हैं। इस वजह से उनको पौधे बिक्री के लिए सड़कों पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के बाहर से पहुंच रहे लाखों गैर प्रमाणित पौधों की आपूर्ति को रोके। उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डाॅ संजय चौहान ने कहा मंगलवार को सड़कों पर बिक रहे सेब के करीब दो हजार पौधों को नष्ट किया गया है। रोहड़ू में 19 नर्सरियां पंजीकृत हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि सड़कों के किनारे बिक रहे पौधों को खरीदने से गुरेज करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नियमों को ताक पर रखकर सड़कों के किनारे बेचे जा रहे सेब के गैर प्रमाणित पौधे बेचने वालों के खिलाफ उद्यान विभाग की टीम ने मंगलवार को शिकंजा कसा। विभाग ने सड़क के किनारे नियमों के विपरीत बेचे जा रहे करीब 2,000 पौधे नष्ट किए। अमर उजाला ने एक दिन पहले ही सड़कों के किनारे बेचे जा रहे सेब के पौधों को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद उद्यान विभाग ने कार्रवाई करते हुए ऐसे विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उद्यान विभाग की टीम ने मंगलवार को रोहड़ू बाजार के शिकड़ी पुल, मक्खी नाला के पास सेब पौधों की गैर प्रमाणित और रोगग्रस्त चौदह सौ पौधों को नष्ट करने का दावा किया। समोली में करीब छह सौ पौधों को नष्ट किया गया। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान उन्हें चेतावनी दी गई सेब के गैर प्रमाणित पौधे बेचने वालों पर सरकार ने सख्ती से निपटने के आदेश जारी किए हैं। हर साल सर्दियों में रोहड़ू उपमंडल में ही सेब की गैर प्रमाणित लाखों पौधे बेचकर करोड़ों का कारोबार होता है। बताते हैं कि कश्मीर से तीन, चार रुपये में सेब की बिना ग्राफ्ट पावली मंगवाकर बिचौलिए यहां 40 रुपये तक बेच रहे हैं। टेबल ग्राफ्ट के बाद उसी पौधे को दो सौ से तीन सौ रुपये में बेचा जाता है। इस कार्रवाई के बाद बिचौलिए के खेतों में प्रदेश के बाहर से पहुंचे लाखों पौधे गैर प्रमाणित खेतों में दबाए गए हैं। अब बारिश के बाद मांग बढ़ने पर उनको पंजीकृत नर्सरी के नाम पर बेचा जाता है। विभाग की ओर से हुई कार्रवाई पर विक्रेताओं ने सवाल खडे़ किए हैं। उनका कहना है कि जो पौधे अपने खेत में पंजीकरण से तैयार किए उनकी लागत अधिक होने के कारण गांव में कोई खरीदार पहुंचने को तैयार नहीं है। प्रदेश के बाहर से पहुंच रहे सस्ते पौधे बिक रहे हैं। इस वजह से उनको पौधे बिक्री के लिए सड़कों पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के बाहर से पहुंच रहे लाखों गैर प्रमाणित पौधों की आपूर्ति को रोके। उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डाॅ संजय चौहान ने कहा मंगलवार को सड़कों पर बिक रहे सेब के करीब दो हजार पौधों को नष्ट किया गया है। रोहड़ू में 19 नर्सरियां पंजीकृत हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि सड़कों के किनारे बिक रहे पौधों को खरीदने से गुरेज करें।