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Rampur Bushahar News: लगातार सूखे से दहकने शुरू हुए घासनी जंगल बुझाने के नहीं पुख्ता प्रबंध
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। लगातार सूखे से अब घासनियों और जंगलों में आग लगने के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे करोड़ों की वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है तो वहीं वन्य प्रणाली भी काल का ग्रास बन रहे हैं। शुक्रवार रात रोहड़ू उपमंडल के तहत सैकड़ों बीघा घासनियों में अलग-अलग स्थानों पर आग लगने के मामले सामने आए हैं। इससे सुबह के समय पूरे क्षेत्र में चारों ओर धुंआ फैला रहा। वायु प्रदूषण के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो जंगलों की आग से हवा में मिलने वाली जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड से मनुष्यों में फेफड़े और त्वचा में संक्रमण हो सकता है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में जंगलों के नवंबर और दिसंबर महीने में सूखे के कारण आग लगने के मामले बढ़ जाते हैं। इस दौरान जमीन सूखी लकड़ियों, घास, खरपतवार और सूखे पत्तों से भर जाती है। इस छोटी सी लापरवाही से आग फैल जाती है। इससे पर्यावरण के साथ पेड़-पौधों और जीव जंतुओं को नुकसान झेलना पड़ता है। हालांकि बैठक में प्रशासन की ओर से लोगों से आग न लगाने को लेकर बार बार जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद आग लगने की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।
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रोहड़ू। लगातार सूखे से अब घासनियों और जंगलों में आग लगने के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे करोड़ों की वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है तो वहीं वन्य प्रणाली भी काल का ग्रास बन रहे हैं। शुक्रवार रात रोहड़ू उपमंडल के तहत सैकड़ों बीघा घासनियों में अलग-अलग स्थानों पर आग लगने के मामले सामने आए हैं। इससे सुबह के समय पूरे क्षेत्र में चारों ओर धुंआ फैला रहा। वायु प्रदूषण के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो जंगलों की आग से हवा में मिलने वाली जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड से मनुष्यों में फेफड़े और त्वचा में संक्रमण हो सकता है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में जंगलों के नवंबर और दिसंबर महीने में सूखे के कारण आग लगने के मामले बढ़ जाते हैं। इस दौरान जमीन सूखी लकड़ियों, घास, खरपतवार और सूखे पत्तों से भर जाती है। इस छोटी सी लापरवाही से आग फैल जाती है। इससे पर्यावरण के साथ पेड़-पौधों और जीव जंतुओं को नुकसान झेलना पड़ता है। हालांकि बैठक में प्रशासन की ओर से लोगों से आग न लगाने को लेकर बार बार जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद आग लगने की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।