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Rampur Bushahar News: आनी में सीटू और किसानसभा का जोरदार प्रदर्शन
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एसडीएम आनी नरेश वर्मा के माध्यम से ज्ञापन भेजकर प्रदेश में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी सीटू और किसान सभा ने बरसात में हुए भारी नुकसान के बावजूद इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं करने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है। बुधवार को आनी एसडीएम नरेश वर्मा के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा और प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग उठाई। लोकल कमेटी आनी के सचिव गीताराम ने हिमाचल प्रदेश में हुए आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी की। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्र सरकार के हिमाचल के साथ किए जा रहे रवैया पर रोष व्यक्त किया। इस दौरान सीटू ने केंद्र सरकार के खिलाफ मनरेगा बजट में की गई कटौती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारी बरसात के चलते प्रदेश में लोगों की निजी संपत्ति के अलावा सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हिमाचल के साथ राजनीतिक भेदभाव कर रही है। इसके चलते अभी तक आपदा राहत राशि नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सीटू के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से भी मुलाकात कर आपदा की घड़ी में राजनीति न करने की मांग की थी और सामूहिक रूप से एकत्रित होकर इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 67 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र के तहत आती है और पर्यावरण का लाभ उत्तर भारत को मिलता है। सीमित संसाधनों के होने के चलते हिमाचल को आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार से विशेष राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को मनरेगा के बजट को जल्द जारी करना चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। इस मौके पर मिलाप चंद, वीर सिंह, हेम राज और ओम प्रकाश सहित अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी सीटू और किसान सभा ने बरसात में हुए भारी नुकसान के बावजूद इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं करने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है। बुधवार को आनी एसडीएम नरेश वर्मा के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा और प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग उठाई। लोकल कमेटी आनी के सचिव गीताराम ने हिमाचल प्रदेश में हुए आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी की। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्र सरकार के हिमाचल के साथ किए जा रहे रवैया पर रोष व्यक्त किया। इस दौरान सीटू ने केंद्र सरकार के खिलाफ मनरेगा बजट में की गई कटौती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारी बरसात के चलते प्रदेश में लोगों की निजी संपत्ति के अलावा सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हिमाचल के साथ राजनीतिक भेदभाव कर रही है। इसके चलते अभी तक आपदा राहत राशि नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सीटू के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से भी मुलाकात कर आपदा की घड़ी में राजनीति न करने की मांग की थी और सामूहिक रूप से एकत्रित होकर इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 67 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र के तहत आती है और पर्यावरण का लाभ उत्तर भारत को मिलता है। सीमित संसाधनों के होने के चलते हिमाचल को आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार से विशेष राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को मनरेगा के बजट को जल्द जारी करना चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। इस मौके पर मिलाप चंद, वीर सिंह, हेम राज और ओम प्रकाश सहित अन्य मौजूद रहे।