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Rampur Bushahar News: नेरेवा में दुर्गा होम का आयोजन, बताया महत्व
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर की आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने नेरवा में दुर्गा होम का आयोजन करवाया। इसका आयोजन बंगलूरू के गुरुकुल के वेद पंडितों के साथ साध्वी अमिता ने किया। साध्वी अमिता ने गुरुपूजा और मंत्रोच्चारण के साथ दुर्गा होम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मंत्रों के माध्यम से हमारे अंदर सभी आसुरी शक्तियों का विनाश हो जाता है और सकारात्मकता बढ़ती है। शारीरिक, मानसिक और सांसारिक तापों से मुक्ति का अनुभव कराती है। नवरात्र पर वर्षभर के तनाव से विश्राम मिलता है। साध्वी ने कहा कि गुरु श्रीश्री रवि शंकर कहते हैं कि नौ माह तक जैसे मां के गर्भ में जैसे बच्चा विश्राम की स्थिति में रहता है, वहां उसको कुछ भी नहीं करना पड़ता हैं, भोजन हो या संस्कार, गर्भ में ही सीखता है। वैसे ही नवरात्र में भी मां दुर्गा आराधना की जाती है। जैसे कि जप, तप, ध्यान, साधना, प्राणायाम और मौन जैसी स्थिति से अपने मन को एकाग्र करके मां के चरणों में समर्पित कर जीवन के हर तनाव से मुक्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अगर हम व्रत करते हैं, तो हमारे शरीर का मैटाबोल्जिम ठीक रहता है। भजनों को नरेश कुमार और सरिता ने समा बांधा और सभी ने भजनों का आनंद लिया। उपप्रधान दिनेश घुंटा और प्रेम शर्मा ने भी दुर्गा होम में मां के चरणों में उपस्थिति दर्ज करवाई। इस मौके पर शकुंतला झारटा के साथ रमा स्टेटा, सरिता करास्टा, सीमा स्टेटा, सीमा चौहान, सयोंगिता, चमेली, संतोषी, अमित डोगरा, अमृता नेगी, जीत जिंटा और अन्य सदस्य ने भाग लिया।
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नेरवा (रोहड़ू)। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर की आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने नेरवा में दुर्गा होम का आयोजन करवाया। इसका आयोजन बंगलूरू के गुरुकुल के वेद पंडितों के साथ साध्वी अमिता ने किया। साध्वी अमिता ने गुरुपूजा और मंत्रोच्चारण के साथ दुर्गा होम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मंत्रों के माध्यम से हमारे अंदर सभी आसुरी शक्तियों का विनाश हो जाता है और सकारात्मकता बढ़ती है। शारीरिक, मानसिक और सांसारिक तापों से मुक्ति का अनुभव कराती है। नवरात्र पर वर्षभर के तनाव से विश्राम मिलता है। साध्वी ने कहा कि गुरु श्रीश्री रवि शंकर कहते हैं कि नौ माह तक जैसे मां के गर्भ में जैसे बच्चा विश्राम की स्थिति में रहता है, वहां उसको कुछ भी नहीं करना पड़ता हैं, भोजन हो या संस्कार, गर्भ में ही सीखता है। वैसे ही नवरात्र में भी मां दुर्गा आराधना की जाती है। जैसे कि जप, तप, ध्यान, साधना, प्राणायाम और मौन जैसी स्थिति से अपने मन को एकाग्र करके मां के चरणों में समर्पित कर जीवन के हर तनाव से मुक्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अगर हम व्रत करते हैं, तो हमारे शरीर का मैटाबोल्जिम ठीक रहता है। भजनों को नरेश कुमार और सरिता ने समा बांधा और सभी ने भजनों का आनंद लिया। उपप्रधान दिनेश घुंटा और प्रेम शर्मा ने भी दुर्गा होम में मां के चरणों में उपस्थिति दर्ज करवाई। इस मौके पर शकुंतला झारटा के साथ रमा स्टेटा, सरिता करास्टा, सीमा स्टेटा, सीमा चौहान, सयोंगिता, चमेली, संतोषी, अमित डोगरा, अमृता नेगी, जीत जिंटा और अन्य सदस्य ने भाग लिया।