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Rampur Bushahar News: ओलों से सेब की फसल को बचाने के लिए नाग देवता की शरण में पहुंचे बागवान
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मंदिर में की पूजा-अर्चना, नुकसान से बचाने की प्रार्थना की, नित्थर क्षेत्र के बागवानों ने बड़ी संख्या में लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। सेब की फसलों को ओलों के कहर से बचाने के लिए बागवान देवता साहिब नाग देवता की शरण में पहुंचे। एडशी में देवता साहिब रखाऊ नाग मंदिर में बागवानों ने नाग देवता से ओलावृष्टि से बचने के लिए प्रार्थना की और बागवानों ने शनाकरा चढ़ाया। बागवानों ने पूजा-अर्चना कर नुकसान से बचाने की फरियाद लगाई। सैकड़ों सालों से बैसाख महीने में देवता साहिब के मंदिर में ओलावृष्टि न होने के लिए बागवान प्रार्थना करते हैं। नित्थर क्षेत्र के बागवानों को ओलावृष्टि का हर साल की तरह अप्रैल और मई में ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा चिंता सताती रहती है। इसी मौसम में सबसे ज्यादा ओलावृष्टि होती है। बीते वर्ष भी भारी ओलावृष्टि हुई थी और एक सप्ताह पहले भी नित्थर के बागवानों पर ओलों ने खूब कहर बरपाया था। इससे बागवानों को काफी नुकसान हुआ है। इसको देखते हुए ओलावृष्टि से बचने के लिए हर साल बैसाख महीने में बूढ़ा महादेव मंदिर कमेटी शनाकरे का आयोजन करती है। इसमें नाग देवता साहिब को शनाकरा दिया जाता है। यानि देवता साहिब नाग देवता की पूजा की जाती है और भोग चढ़ाया जाता है। इस पूजा में नित्थर क्षेत्र के गांव घरौली, झल्ली, खदबेचा, ढमहा, चेबड़ी, एडशी और बुआई के ग्रामीण भाग लेते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। सेब की फसलों को ओलों के कहर से बचाने के लिए बागवान देवता साहिब नाग देवता की शरण में पहुंचे। एडशी में देवता साहिब रखाऊ नाग मंदिर में बागवानों ने नाग देवता से ओलावृष्टि से बचने के लिए प्रार्थना की और बागवानों ने शनाकरा चढ़ाया। बागवानों ने पूजा-अर्चना कर नुकसान से बचाने की फरियाद लगाई। सैकड़ों सालों से बैसाख महीने में देवता साहिब के मंदिर में ओलावृष्टि न होने के लिए बागवान प्रार्थना करते हैं। नित्थर क्षेत्र के बागवानों को ओलावृष्टि का हर साल की तरह अप्रैल और मई में ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा चिंता सताती रहती है। इसी मौसम में सबसे ज्यादा ओलावृष्टि होती है। बीते वर्ष भी भारी ओलावृष्टि हुई थी और एक सप्ताह पहले भी नित्थर के बागवानों पर ओलों ने खूब कहर बरपाया था। इससे बागवानों को काफी नुकसान हुआ है। इसको देखते हुए ओलावृष्टि से बचने के लिए हर साल बैसाख महीने में बूढ़ा महादेव मंदिर कमेटी शनाकरे का आयोजन करती है। इसमें नाग देवता साहिब को शनाकरा दिया जाता है। यानि देवता साहिब नाग देवता की पूजा की जाती है और भोग चढ़ाया जाता है। इस पूजा में नित्थर क्षेत्र के गांव घरौली, झल्ली, खदबेचा, ढमहा, चेबड़ी, एडशी और बुआई के ग्रामीण भाग लेते हैं।