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Rampur Bushahar News: चिट्टे से बुझ रहे घर के चिराग, न सख्ती न पर्याप्त स्टाफ
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चिड़गांव में चिट्टे के खिलाफ प्रर्दशन के दौरान सड़क पर चक्का जाम। संवाद
चिट्टा लेने के बाद युवक की मौत पर चिड़गांव में फूटा जन आक्रोश, चार घंटे चक्का जाम
लोगों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, नशे के बढ़ते जाल को लेकर निकाली भड़ास
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों काे समझाकर खुलवाया जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
चिड़गांव तहसील में चिट्टा लेने के बाद हुई युवक की मौत के मामले में क्षेत्र में जन आक्रोश फूटा। वीरवार को दोपहर बाद 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चिड़गांव बाजार के पुल पर ग्रामीणों ने चक्का जाम किया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने स्थानीय विधायक मोहन लाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नशे के बढ़ते जाल को लेकर भड़ास निकाली। ग्रामीणों का आरोप है कि चिड़गांव क्षेत्र में नशा खुलेआम पनप रहा है। इसके नशे से घरों के चिराग बुझ रहे हैं, लेकिन थानों और पुलिस चौकियों में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही सख्ती से कार्रवाई हो रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब सरकार नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कर रही है, तो फिर चिट्टा आखिर क्षेत्र में पहुंच कैसे रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक चिड़गांव तहसील में चिट्टा लेने से चार युवकों की मौत हो चुकी है। आज एक और घर का चिराग बुझा है। कल किसी और का बुझेगा। आखिर यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। विधायक को स्वयं मौके पर आकर लोगों की बात सुननी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि नशे की सप्लाई पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि हालात ऐसे ही रहे, तो विधायक भविष्य में यहां के लोगों से वोट मांगने के हकदार नहीं होंगे। उधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल को शांत किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पुलिस के सहयोग से बाजार में लगा जाम हटाया गया और यातायात बहाल किया गया। हालांकि, लोगों का कहना था कि आश्वासनों से नहीं, ठोस कार्रवाई से ही भरोसा बनेगा। इस विरोध प्रर्दशन में चार दिन पहले चिट्टा लेने के बाद मृत मिले युवक के परिजन और रिश्तेदार भी शामिल रहे।
अचेत अवस्था में युवक को छोड़ा था सड़क किनारे
22 जनवरी की रात को संदासू क्षेत्र में खाबल पंचायत के देनवाड़ी गांव निवासी युवक मुकेश की चिट्टा लेने के बाद मौत हो गई थी। उसके दोस्त ने युवक को अचेत अवस्था में धमवाड़ी के पास सड़क के किनारे छोड़ दिया था। पुलिस ने दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। उसने पूछताछ में चिट्टा लेने की बात कबूल की है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा।
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लोगों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, नशे के बढ़ते जाल को लेकर निकाली भड़ास
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों काे समझाकर खुलवाया जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
चिड़गांव तहसील में चिट्टा लेने के बाद हुई युवक की मौत के मामले में क्षेत्र में जन आक्रोश फूटा। वीरवार को दोपहर बाद 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चिड़गांव बाजार के पुल पर ग्रामीणों ने चक्का जाम किया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने स्थानीय विधायक मोहन लाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नशे के बढ़ते जाल को लेकर भड़ास निकाली। ग्रामीणों का आरोप है कि चिड़गांव क्षेत्र में नशा खुलेआम पनप रहा है। इसके नशे से घरों के चिराग बुझ रहे हैं, लेकिन थानों और पुलिस चौकियों में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही सख्ती से कार्रवाई हो रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब सरकार नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कर रही है, तो फिर चिट्टा आखिर क्षेत्र में पहुंच कैसे रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक चिड़गांव तहसील में चिट्टा लेने से चार युवकों की मौत हो चुकी है। आज एक और घर का चिराग बुझा है। कल किसी और का बुझेगा। आखिर यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। विधायक को स्वयं मौके पर आकर लोगों की बात सुननी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि नशे की सप्लाई पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि हालात ऐसे ही रहे, तो विधायक भविष्य में यहां के लोगों से वोट मांगने के हकदार नहीं होंगे। उधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल को शांत किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पुलिस के सहयोग से बाजार में लगा जाम हटाया गया और यातायात बहाल किया गया। हालांकि, लोगों का कहना था कि आश्वासनों से नहीं, ठोस कार्रवाई से ही भरोसा बनेगा। इस विरोध प्रर्दशन में चार दिन पहले चिट्टा लेने के बाद मृत मिले युवक के परिजन और रिश्तेदार भी शामिल रहे।
अचेत अवस्था में युवक को छोड़ा था सड़क किनारे
22 जनवरी की रात को संदासू क्षेत्र में खाबल पंचायत के देनवाड़ी गांव निवासी युवक मुकेश की चिट्टा लेने के बाद मौत हो गई थी। उसके दोस्त ने युवक को अचेत अवस्था में धमवाड़ी के पास सड़क के किनारे छोड़ दिया था। पुलिस ने दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। उसने पूछताछ में चिट्टा लेने की बात कबूल की है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा।

चिड़गांव में चिट्टे के खिलाफ प्रर्दशन के दौरान सड़क पर चक्का जाम। संवाद
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