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Rampur Bushahar News: लूहरी परियोजना प्रभावितों की मांगों को लेकर प्रदर्शन 27 अक्तूबर को

Tue, 29 Sep 2026 11:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 11:47 PM IST
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Protest on October 27 regarding the demands of those affected by the Luhri project
निरथ में लूहरी परियोजना प्रभावितों ने विभिन्न मांगों को लेकर तैयार की रणनीति। स्रोत : सभा
समझौते के बावजूद नहीं मिला फसलों का मुआवजा, 23 परिवारों को एकमुश्त राशि का इंतजार
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मकानों में आई दरारों और धूल से हुए नुकसान का मुआवजा न मिलने से किसानों में रोष
लूहरी परियोजना प्रभावितों ने निरथ में बैठक कर बनाई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन की 210 मेगावाट परियोजना से प्रभावित पंचायतों के किसानों और ग्रामीणों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। परियोजना निर्माण के लिए भूमि देने वाले प्रभावितों, किसानों की फसलों और मकानों में आईं दरारों का मुआवजा न मिलने से प्रभावितों में परियोजना प्रबंधन के प्रति खासा रोष है। प्रभावितों की समस्याओं को लेकर किसान सभा 27 अक्तूबर को परियोजना प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। किसान सभा ने चेताया है कि प्रभावित किसानों की मांगें पूरी न होने तक किसान सभा का संघर्ष जारी रहेगा और किसानों की मांगों को लेकर सभा निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रभावित सचिवालय कमेटी की बैठक मंगलवार को निरथ में हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों के लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान 27 अक्तूबर को होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए चर्चा की गई। बैठक में हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और कृष्णा राणा ने कहा कि लूहरी परियोजना प्रभावित किसानों की मांगों को पूरा करने में सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम में पूरी तरह विफल रहे हैं।

परियोजना प्रबंधन और किसान सभा के बीच बार-बार समझौते होने और सहमति बनने के बाद भी बरकेली गांव, फाटी देहरा, बायल, गड़ेज में 2021-22 का फसल का मुआवजा नहीं दिया गया है। जिन परिवारों की परियोजना में जमीन लगी है, उनमें से भी 23 परिवार ऐसे हैं, जिनको आज तक एकमुश्त राशि नहीं मिली है। इस बारे में किसान सभा के साथ सहमति बनी थी कि ये राशि तुरंत दी जाएगी, लेकिन आज तक प्रभावित परिवारों को यह राशि नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि नित्थर, भुट्टी, करांगला और बढ़ाच पंचायत के मकानों में आईं दरारों का सर्वे होने पर भी मुआवजा नहीं दिया गया है। दूसरी ओर धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है, जिससे किसानों में सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के प्रति रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि किसान सभा लूहरी परियोजना प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर निरंतर संघर्ष कर रही है और आगे भी संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक लंबित मांगों का समाधान नहीं होगा। इस मौके पर प्रेम चौहान, रणजीत, हरदयाल कपूर, काकू कश्यप, सरोजनी, रेखा, कपिल, निहाल, नरेश, ऋषि, ओम प्रकाश, डाटा राम जिष्टू, अंकुश, चमन, बुद्धि सिंह, नरेश, पदम, दर्शन, महेंद्र, सुंदर कृष्ण, धन सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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