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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Plan for channelization of Pabbar river stuck due to lack of budget

Rampur Bushahar News: बजट के अभाव में लटकी पब्बर नदी के तटीकरण की योजना

Fri, 14 Feb 2025 11:41 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2025 11:41 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहड़ू। बजट के अभाव में दस सालों से पब्बर नदी के तटीकरण की योजना लटकी हुई है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। बाढ़ सुरक्षा प्रोजेक्ट के तहत इस बहुउद्देशीय परियोजना का 14 अक्तूबर, 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिलान्यास किया था। इस प्रोजेक्ट पर करीब 190.82 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की थी। उस समय इस पर तीस प्रतिशत प्रदेश सरकार और 70 प्रतिशत केंद्र सरकार ने खर्च करना था। प्रदेश के अधिकारी समय पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार नहीं कर सके, इसलिए केंद्र से योजना को समय पर बजट नहीं मिल सका। हालांकि, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैठकों और अधिकारियों के दिल्ली के दौरे पर दस सालों में लाखों रुपये खर्च चुके हैं। अब इस परियोजना को बाॅर्डर एरिया फ्लड प्रोटेक्शन प्रोजेक्ट के तहत बनाने की योजना है। केंद्र की कमेटी की ओर से इसके लिए तकनीकी मंजूरी भी मिल चुकी है, लेकिन धन के अभाव में परियोजना अभी फाइलों में फंसी पड़ी है। प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को बाड़ को रोकने के साथ रीवर राफ्टिंग, मत्स्य पालन और पर्यटन के साथ जोड़कर तैयार किया था। बाड़ से क्षतिग्रस्त इसके दोनों तटों पर सदियों से बेकार और बंजर पड़ी सैकड़ों हेक्टेयर मलकीयत भूमि को कृषि योग्य बनाया जाना था, ताकि इससे लोगों की आर्थिकी को सुधारा जाए। इससे नदी तट के साथ लोगों की 662 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित होगी। जल शक्ति विभाग ने परियोजना के अंतर्गत पब्बर नदी को चिड़गांव तहसील के टिक्करी गांव के साथ से लेकर हाटकोटी तक 27 किलोमीटर तक के दायरे तटीकरण के लिए डीपीआर तैयार की है। अब इसके लिए धन की कमी के कारण कार्य को शुरू कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है।

पब्बर नदी के तटीकरण प्रोजेक्ट के सभी दस्तावेज तैयार हो चुके हैं। इसकी डीपीआर, तकनीकी मंजूरी केंद्र से मिल चुकी है। सरकार की ओर से बजट का प्रावधान होने पर ही इस कार्य को शुरू किया जा सकेगा। --- ई. अरविंद सूद, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति वृत्त रोहड़ू
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