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फुल्याच पर्व : पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ग्रामीणों ने डाली नाटी
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देवी चंडिका माता मंदिर में धूमधाम से मनाया जा रहा फूलों का पर्व, जिले के कई इलाकों में हो रहा आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिले के मुख्यालय रिकांगपिओ के पास देवी चंडिका माता कोठी के मंदिर परिसर में फूल्याज पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिले के कई इलाकों में तीन से पांच दिन तक मेला मनाया जा रहा है। मेले में ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली।
देवी चंडिका माता मंदिर कोठी में 15 अक्तूबर से फूलों का पर्व फुल्याच मनाया जा रहा है। अभी पांच दिन तक और मेला धूमधाम से मनाया जाएगा। पहले दिन कोठी पंचायत के गांव के ग्रामीणों ने हलवा पूरी बनाकर अपने घरों और मंदिर में पूजा-अर्चना की। 16 को ब्रह्म कमल, रत्न ज्योत और अन्य बेशकीमती फूलाें को रूनंग कंडा और यूला कंडा से ब्रेलंगी गांव के सात युवकों ने लाया। उसके बाद किन्नौरी पारंपरिक वेशभूषा में सजधजकर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डालकर मेले का शुभारंभ किया। मेले में दिनभर ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण खूब झूमे। बच्चों, बुर्जुगों, महिलाओं और पुरुषों ने वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाटियों का दौर चलाया। 19 अक्तूबर को मेले का विधिवत समापन होगा। इसके अलावा रोघी, ख्वांगी, पांगी, कल्पा में भी फुल्याज पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इन दिनों निचार खंड के पानवी और जानी में फुल्याज पर्व मनाया जा रहा है। उससे पहले कई पंचायतों में यह पर्व धूमधाम से मनाया गया। देवी चंडिका माता कोठी के आदेश के अनुसार ही फुल्याज पर्व की तिथि निर्धारित होती है। उसके अनुसार ही जिले में फुल्याच पर्व मनाया जाता है।
संस्कृति के संरक्षण का दे रहे संदेश
देवी चंडिका माता कोठी के मोतमीन राजेंद्र सिंह नेगी, पुजारी उपेंद्र नेगी, माली देवेंद्र नेगी, माथस भजन सिंह नेगी, ज्ञान सिंह नेगी, मुकेश नेगी, देवी सिंह नेगी ने कहा कि हर वर्ष की तरह मनाया जाने वाला यह विशेष पर्व इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। लोग आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति के संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिले के मुख्यालय रिकांगपिओ के पास देवी चंडिका माता कोठी के मंदिर परिसर में फूल्याज पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिले के कई इलाकों में तीन से पांच दिन तक मेला मनाया जा रहा है। मेले में ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली।
देवी चंडिका माता मंदिर कोठी में 15 अक्तूबर से फूलों का पर्व फुल्याच मनाया जा रहा है। अभी पांच दिन तक और मेला धूमधाम से मनाया जाएगा। पहले दिन कोठी पंचायत के गांव के ग्रामीणों ने हलवा पूरी बनाकर अपने घरों और मंदिर में पूजा-अर्चना की। 16 को ब्रह्म कमल, रत्न ज्योत और अन्य बेशकीमती फूलाें को रूनंग कंडा और यूला कंडा से ब्रेलंगी गांव के सात युवकों ने लाया। उसके बाद किन्नौरी पारंपरिक वेशभूषा में सजधजकर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डालकर मेले का शुभारंभ किया। मेले में दिनभर ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण खूब झूमे। बच्चों, बुर्जुगों, महिलाओं और पुरुषों ने वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाटियों का दौर चलाया। 19 अक्तूबर को मेले का विधिवत समापन होगा। इसके अलावा रोघी, ख्वांगी, पांगी, कल्पा में भी फुल्याज पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इन दिनों निचार खंड के पानवी और जानी में फुल्याज पर्व मनाया जा रहा है। उससे पहले कई पंचायतों में यह पर्व धूमधाम से मनाया गया। देवी चंडिका माता कोठी के आदेश के अनुसार ही फुल्याज पर्व की तिथि निर्धारित होती है। उसके अनुसार ही जिले में फुल्याच पर्व मनाया जाता है।
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संस्कृति के संरक्षण का दे रहे संदेश
देवी चंडिका माता कोठी के मोतमीन राजेंद्र सिंह नेगी, पुजारी उपेंद्र नेगी, माली देवेंद्र नेगी, माथस भजन सिंह नेगी, ज्ञान सिंह नेगी, मुकेश नेगी, देवी सिंह नेगी ने कहा कि हर वर्ष की तरह मनाया जाने वाला यह विशेष पर्व इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। लोग आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति के संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
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