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Rampur Bushahar News: पीएचसी निगुलसरी में नहीं डॉक्टर, स्वास्थ्य सुविधाओं को तरसे ग्रामीण

Tue, 25 Jun 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 11:59 PM IST
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PHC Nigulsari, Kinnaur, Reckong Peo
पीएचसी निगुलसरी
प्राथमिक उपचार के लिए जाना पड़ रहा 40 किलोमीटर दूर, डॉक्टर और फार्मासिस्ट का पद रिक्त होने से दिक्कतें झेल रहे ग्रामीण
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बीरबल नेगी

सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का सरकार लाख दावा करे, लेकिन ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में अब भी स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई हैं। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निगुलसरी में स्टाफ की कमी के चलते ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। पीएचसी में डॉक्टर और फार्मासिस्ट के पद खाली हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्टाफ की तैनाती करने की मांग उठाई है। गौर हो कि निचार खंड की तरांडा और चौरा पंचायत के 2,500 से अधिक ग्रामीण कई महीनों से स्वास्थ्य सुविधाओं को तरस गए हैं। दोनों पंचायतों को लाभान्वित करने वाले पीएचसी निगुलसरी में बीते चार महीने से डॉक्टर का पद रिक्त है। साथ ही साल 2020 फार्मासिस्ट का पद रिक्त है। वर्तमान में एक सीएचओ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे यह पीएचसी चल रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र से तरांडा पंचायत के गांव तरांडा, ननस्पो, छौंडा, थाच, निगुलसरी और चौरा पंचायत के गांव चौरा, कफोर और शिलानी गांव के ग्रामीण लाभान्वित होते हैं। दोनों पंचायतों की ढाई हजार से अधिक ग्रामीण कई माह से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल हाईवे पांच पर हादसों के दृष्टिगत यहां स्टाफ होना अति आवश्यक है, ताकि आपातस्थिति में स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारु रूप से चल सकें, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण सात गांव के ग्राामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को तरस रहे हैं।
ग्रामीण झेल रहे परेशानियां

भाजपा जिला प्रवक्ता प्रवीन मोयान प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन दो पंचायतों के हजारों ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जबसे प्रदेश में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, तबसे इन दोनों पंचायतों की अनदेखी की जा रही है। प्रधान तरांडा हरिभगत नेगी, ग्रामीण भागसुख डोगरा, केसर मेहता, अरुण बिष्ट, कुलभूषण नेगी, अमन मोयान, सुजान नेगी, विद्यासागर नेगी और शोनू राम नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बीते कई माह से पीएचसी में डॉक्टर न होने से हजारों ग्रामीण परेशानियां झेल रहे हैं। प्राथमिक उपचार के लिए भी करीब 40 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द पीएचसी में स्टाफ की तैनाती कर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है।
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उच्चाधिकारियों को दी जानकारी
पीएचसी निगुलसरी में रिक्त पड़े डॉक्टर और अन्य पदों को लेकर समय-समय पर उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। मामला सरकार के संज्ञान में भी है। उम्मीद है कि जल्द ही स्टाफ की तैनाती की जाएगी। -डॉ. कविराज नेगी, बीएमओ भावानगर
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