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Rampur Bushahar News: घुमंतू गुज्जरों के परमिट की बैरियर पर ही हो जांच
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एसडीएम चौपाल को ज्ञापन सौंपते करनी सेना के अध्यक्ष मुकेश व अन्य
करणी सेना ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कहा- कुछ सालों में बढ़ी इनकी संख्या
डेरे बनाने और ईंधन के लिए वन्य संपदा को भी पहुंचा रहे नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल के रियूनी और चूड़धार के वनों में घुमंतू गुज्जरों की बढ़ती संख्या पर करणी सेना ने चिंता जाहिर की है। करणी सेना ने वन मंडल चौपाल के अंतर्गत विभिन्न जंगलों में रह रहे इन गुज्जरों के परमिट, इनके पशुओं की संख्या की जांच बैरियर पर ही करने और बिना परमिट रह रहे गुज्जरों को वापस उनके स्थान पर भेजने की मांग की है। इस बारे में एसडीएम चौपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा है। करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश खुरांटा ने कहा कि तीन दशक पूर्व चौपाल के विभिन्न जंगलों में गर्मियां शुरू होते ही मैदानी इलाकों से गुज्जरों के दो या तीन डेरे ही आया करते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में इनकी संख्या में वृद्धि हुई है। जंगलों में इनकी संख्या में हो रही वृद्धि निश्चित रूप से आमजन के लिए चिंता का विषय है। खुरांटा ने आरोप लगाया है कि ये गुज्जर अपने डेरे बनाने और ईंधन के लिए वन्य संपदा को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुज्जर हर वर्ष अपने डेरों को जला देते हैं और जब दूसरे वर्ष वापस लौटते हैं, तो और पेड़ काटकर नए डेरों का निर्माण करते हैं। इससे वन संपदा को भी नुकसान पहुंच रहा है।
बिना परमिट के जो भी गुज्जर आते हैं, उनकी जांच की जाएगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए जाएंगे। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन विभाग और पुलिस विभाग से इन सभी मामलों पर निगरानी रखने की अपील की है,ताकि आने वाले समय में कोई समस्या उत्पन्न न हो। - हेमचंद वर्मा, एसडीएम चौपाल
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डेरे बनाने और ईंधन के लिए वन्य संपदा को भी पहुंचा रहे नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल के रियूनी और चूड़धार के वनों में घुमंतू गुज्जरों की बढ़ती संख्या पर करणी सेना ने चिंता जाहिर की है। करणी सेना ने वन मंडल चौपाल के अंतर्गत विभिन्न जंगलों में रह रहे इन गुज्जरों के परमिट, इनके पशुओं की संख्या की जांच बैरियर पर ही करने और बिना परमिट रह रहे गुज्जरों को वापस उनके स्थान पर भेजने की मांग की है। इस बारे में एसडीएम चौपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा है। करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश खुरांटा ने कहा कि तीन दशक पूर्व चौपाल के विभिन्न जंगलों में गर्मियां शुरू होते ही मैदानी इलाकों से गुज्जरों के दो या तीन डेरे ही आया करते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में इनकी संख्या में वृद्धि हुई है। जंगलों में इनकी संख्या में हो रही वृद्धि निश्चित रूप से आमजन के लिए चिंता का विषय है। खुरांटा ने आरोप लगाया है कि ये गुज्जर अपने डेरे बनाने और ईंधन के लिए वन्य संपदा को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुज्जर हर वर्ष अपने डेरों को जला देते हैं और जब दूसरे वर्ष वापस लौटते हैं, तो और पेड़ काटकर नए डेरों का निर्माण करते हैं। इससे वन संपदा को भी नुकसान पहुंच रहा है।
बिना परमिट के जो भी गुज्जर आते हैं, उनकी जांच की जाएगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए जाएंगे। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन विभाग और पुलिस विभाग से इन सभी मामलों पर निगरानी रखने की अपील की है,ताकि आने वाले समय में कोई समस्या उत्पन्न न हो। - हेमचंद वर्मा, एसडीएम चौपाल
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