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Rampur Bushahar News: न्याय के देवता 11 दिसंबर तक लेंगे कर्म और धैर्य की परीक्षा
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पंडित शशिपाल डोगरा। स्रोत : जागरूक पाठक
अंक ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शशि पाल डोगरा ने कहा-27 जुलाई से 11 दिसंबर शनिदेव रहेंगे वक्री
. सत्य, सेवा, परिश्रम से शुभ फल प्रदान करते हैं शनिदेव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। शनिदेव 11 दिसंबर तक कर्म और धैर्य की परीक्षा लेंगे। वशिष्ठ ज्योतिष सदन कुमारसैन के अध्यक्ष एवं अंक ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शशि पाल डोगरा ने बताया है कि 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक न्याय के देवता भगवान शनिदेव मीन राशि में वक्री रहेंगे। उनके अनुसार शनि का वक्री होना केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि कर्म, अनुशासन, धैर्य और न्याय की गहन परीक्षा का समय माना जाता है। पंडित डोगरा ने बताया कि 27 जुलाई की तिथि का मूलांक 8 बनता है, जिसे शनि का अंक माना जाता है। ऐसे में जिस दिन शनि वक्री हो रहे हैं, उसी दिन का मूलांक भी 8 होना एक विशेष संयोग है। इससे शनि का प्रभाव और अधिक गहरा माना जा सकता है। वहीं वर्ष 2026 का योग 10 (1) बनता है, जो सूर्य का प्रतीक है। उनके अनुसार इस अवधि में सूर्य के नेतृत्व और शनि के कर्म, न्याय और विनम्रता के सिद्धांतों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान रुके हुए कार्य दोबारा गति पकड़ सकते हैं। मेहनत का फल विलंब से मिलने की संभावना रहेगी, लेकिन वह स्थायी होगा। आर्थिक मामलों में अनुशासन और धैर्य जरूरी रहेगा, जबकि पुराने विवाद, कर्ज या कानूनी मामले फिर से सक्रिय हो सकते हैं। आध्यात्मिक साधना, सेवा और आत्मचिंतन से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। अंक ज्योतिष के आधार पर पंडित डोगरा ने बताया कि मूलांक 8 के जातकों पर शनि वक्री का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। ऐसे लोगों के पुराने रुके कार्य, नौकरी, कर्ज अथवा न्यायालय से जुड़े मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, ईमानदारी और धैर्य रखने वालों को अंतत: सफलता मिलने के संकेत हैं। अन्य मूलांकों के लिए भी उन्होंने कॅरिअर, व्यापार, पारिवारिक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को लेकर सावधानी एवं संयम बरतने की सलाह दी।
इन राशियों पर ऐसा पड़ेगा असर
ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शशि पाल डोगरा ने कहा कि मेष, मिथुन और तुला राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी होगी, जबकि वृषभ और मकर राशि के लिए आर्थिक अवसर बन सकते हैं। सिंह राशि के जातकों को स्वास्थ्य और धन संबंधी मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। मीन राशि के लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि शनि इसी राशि में वक्री रहेंगे। ऐसे में आत्मविश्लेषण, स्वास्थ्य, कॅरिअर और जीवन की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं। पंडित शशि पाल डोगरा के अनुसार इस बार मूलांक 8 मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर शनि वक्री का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक गहराई से महसूस किया जा सकता है।
जिनकी कुंडली में शनि शुभ, उनको खास लाभ
पंडित शशि पाल डोगरा ने कहा कि जिन लोगों की कुंडली में शनि शुभ और मजबूत स्थिति में है, उनके लिए यह समय पूर्व में किए गए अच्छे कर्मों का सकारात्मक फल देने वाला हो सकता है। उन्होंने अपने ज्योतिषीय एवं अंक ज्योतिषीय आकलन के आधार पर यह भी कहा कि इस अवधि में विश्व, देश और प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। बड़े राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। हालांकि, यह ज्योतिषीय अनुमान है और इसे भविष्यवाणी के रूप में देखा जाना चाहिए। पंडित डोगरा ने कहा कि समय बदलने की प्रतीक्षा मत करो, अपने कर्म बदलो। समय स्वयं बदल जाएगा। उनके अनुसार सत्य, ईमानदारी, सेवा और परिश्रम के मार्ग पर चलने वाले लोगों के लिए शनि अंतत: शुभ फल प्रदान करते हैं।
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. सत्य, सेवा, परिश्रम से शुभ फल प्रदान करते हैं शनिदेव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। शनिदेव 11 दिसंबर तक कर्म और धैर्य की परीक्षा लेंगे। वशिष्ठ ज्योतिष सदन कुमारसैन के अध्यक्ष एवं अंक ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शशि पाल डोगरा ने बताया है कि 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक न्याय के देवता भगवान शनिदेव मीन राशि में वक्री रहेंगे। उनके अनुसार शनि का वक्री होना केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि कर्म, अनुशासन, धैर्य और न्याय की गहन परीक्षा का समय माना जाता है। पंडित डोगरा ने बताया कि 27 जुलाई की तिथि का मूलांक 8 बनता है, जिसे शनि का अंक माना जाता है। ऐसे में जिस दिन शनि वक्री हो रहे हैं, उसी दिन का मूलांक भी 8 होना एक विशेष संयोग है। इससे शनि का प्रभाव और अधिक गहरा माना जा सकता है। वहीं वर्ष 2026 का योग 10 (1) बनता है, जो सूर्य का प्रतीक है। उनके अनुसार इस अवधि में सूर्य के नेतृत्व और शनि के कर्म, न्याय और विनम्रता के सिद्धांतों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान रुके हुए कार्य दोबारा गति पकड़ सकते हैं। मेहनत का फल विलंब से मिलने की संभावना रहेगी, लेकिन वह स्थायी होगा। आर्थिक मामलों में अनुशासन और धैर्य जरूरी रहेगा, जबकि पुराने विवाद, कर्ज या कानूनी मामले फिर से सक्रिय हो सकते हैं। आध्यात्मिक साधना, सेवा और आत्मचिंतन से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। अंक ज्योतिष के आधार पर पंडित डोगरा ने बताया कि मूलांक 8 के जातकों पर शनि वक्री का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। ऐसे लोगों के पुराने रुके कार्य, नौकरी, कर्ज अथवा न्यायालय से जुड़े मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, ईमानदारी और धैर्य रखने वालों को अंतत: सफलता मिलने के संकेत हैं। अन्य मूलांकों के लिए भी उन्होंने कॅरिअर, व्यापार, पारिवारिक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को लेकर सावधानी एवं संयम बरतने की सलाह दी।
इन राशियों पर ऐसा पड़ेगा असर
ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शशि पाल डोगरा ने कहा कि मेष, मिथुन और तुला राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी होगी, जबकि वृषभ और मकर राशि के लिए आर्थिक अवसर बन सकते हैं। सिंह राशि के जातकों को स्वास्थ्य और धन संबंधी मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। मीन राशि के लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि शनि इसी राशि में वक्री रहेंगे। ऐसे में आत्मविश्लेषण, स्वास्थ्य, कॅरिअर और जीवन की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं। पंडित शशि पाल डोगरा के अनुसार इस बार मूलांक 8 मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर शनि वक्री का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक गहराई से महसूस किया जा सकता है।
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जिनकी कुंडली में शनि शुभ, उनको खास लाभ
पंडित शशि पाल डोगरा ने कहा कि जिन लोगों की कुंडली में शनि शुभ और मजबूत स्थिति में है, उनके लिए यह समय पूर्व में किए गए अच्छे कर्मों का सकारात्मक फल देने वाला हो सकता है। उन्होंने अपने ज्योतिषीय एवं अंक ज्योतिषीय आकलन के आधार पर यह भी कहा कि इस अवधि में विश्व, देश और प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। बड़े राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। हालांकि, यह ज्योतिषीय अनुमान है और इसे भविष्यवाणी के रूप में देखा जाना चाहिए। पंडित डोगरा ने कहा कि समय बदलने की प्रतीक्षा मत करो, अपने कर्म बदलो। समय स्वयं बदल जाएगा। उनके अनुसार सत्य, ईमानदारी, सेवा और परिश्रम के मार्ग पर चलने वाले लोगों के लिए शनि अंतत: शुभ फल प्रदान करते हैं।
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