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गांव-गांव चला बैठकों का दौर, बनने लगी रणनीति
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रामपुर बुशहर। रामपुर और ननखड़ी में पंचायतीराज चुनाव के लिए ब्लॉक कांग्रेस इस बार पूरे क्षेत्र की पंचायतों में उम्मीदवारों को आम सहमति से मैदान में उतारने का हरसंभव प्रयास कर रही है।
इस बार सत्ता में भाजपा सरकार के होने के कारण निश्चित तौर पर रामपुर ननखड़ी क्षेत्र में पंचायतों में कम से कम इन दो पार्टियों में तो टक्कर अच्छी होने के आसार हैं ही वहीं इस बार चुनाव में युवा भी खासी रुचि दिखा रहे हैं, जिससे मुकाबला रोचक होगा।
भले ही पंचायतों के चुनाव पार्टी चिन्ह पर न हो रहे हों, लेकिन कहीं न कहीं भाजपा और कांग्रेस दोनों का परोक्ष रूप से हस्तक्षेप रहेगा, इसे नकारा नहीं जा सकता। गांव-गांव जाकर भाजपा के साथ ही कांग्रेस मंडल और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी अपने-अपने समर्थकों के साथ गुप्त बैठकें कर आपसी सहमति बनाने में जुटे हैं। भाजपा ने तो वरिष्ठ नेताओं को उनके संबंधित क्षेत्रों की जिम्मेदारियां भी सौंप रखी हैं। इससे जाहिर है कि दोनों ही दल पंचायतों में खिचड़ी पकने की संभावनाओं को कम कर अपने समर्थकों की सहमति से एक-एक ही उम्मीदवार को मैदान में उतारने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वरिष्ठ नेता क्षेत्रों में घूम कर पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए भी जिताऊ उम्मीदवारों को तलाश रही है, चूंकि नगर परिषद के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति में कौन सा राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को जितवा कर लाएगा, यह मंडल भाजपा और ब्लॉक कांग्रेस की प्रतिष्ठा का सवाल बन सकता है।
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ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामपुर साहिब सिंह मेहता ने बताया कि संभावित प्रधान पद के उम्मीदवारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया गया है कि वे आपस में बैठक कर सहमति से किसी एक को बतौर पार्टी उम्मीदवार उतारने का फैसला लें, ताकि वे विरोधियों को जवाब दे सकें। उन्होंने कहा कि हर जोन और पंचायतों के कार्यकर्ता आपसी सहमति से सशक्त उम्मीदवारों को ही चुनाव में उतारे। ऐसा करने से पार्टी मजबूत होगी।
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इस बार सत्ता में भाजपा सरकार के होने के कारण निश्चित तौर पर रामपुर ननखड़ी क्षेत्र में पंचायतों में कम से कम इन दो पार्टियों में तो टक्कर अच्छी होने के आसार हैं ही वहीं इस बार चुनाव में युवा भी खासी रुचि दिखा रहे हैं, जिससे मुकाबला रोचक होगा।
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भले ही पंचायतों के चुनाव पार्टी चिन्ह पर न हो रहे हों, लेकिन कहीं न कहीं भाजपा और कांग्रेस दोनों का परोक्ष रूप से हस्तक्षेप रहेगा, इसे नकारा नहीं जा सकता। गांव-गांव जाकर भाजपा के साथ ही कांग्रेस मंडल और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी अपने-अपने समर्थकों के साथ गुप्त बैठकें कर आपसी सहमति बनाने में जुटे हैं। भाजपा ने तो वरिष्ठ नेताओं को उनके संबंधित क्षेत्रों की जिम्मेदारियां भी सौंप रखी हैं। इससे जाहिर है कि दोनों ही दल पंचायतों में खिचड़ी पकने की संभावनाओं को कम कर अपने समर्थकों की सहमति से एक-एक ही उम्मीदवार को मैदान में उतारने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वरिष्ठ नेता क्षेत्रों में घूम कर पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए भी जिताऊ उम्मीदवारों को तलाश रही है, चूंकि नगर परिषद के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति में कौन सा राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को जितवा कर लाएगा, यह मंडल भाजपा और ब्लॉक कांग्रेस की प्रतिष्ठा का सवाल बन सकता है।
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ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामपुर साहिब सिंह मेहता ने बताया कि संभावित प्रधान पद के उम्मीदवारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया गया है कि वे आपस में बैठक कर सहमति से किसी एक को बतौर पार्टी उम्मीदवार उतारने का फैसला लें, ताकि वे विरोधियों को जवाब दे सकें। उन्होंने कहा कि हर जोन और पंचायतों के कार्यकर्ता आपसी सहमति से सशक्त उम्मीदवारों को ही चुनाव में उतारे। ऐसा करने से पार्टी मजबूत होगी।