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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Order for auction of seized wood pieces in Rohru upheld

Rampur Bushahar News: रोहड़ू में जब्त लकड़ी के टुकड़ों की नीलामी का आदेश बरकरार

Thu, 13 Aug 2026 11:22 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:22 PM IST
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तीन व्यक्तियों ने निचली अदालत के आदेश को दी चुनौती
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रोहड़ू में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने वन विभाग की ओर से जब्त की गई लकड़ी की नीलामी के आदेश को बरकरार रखा है। यह आदेश 16 मई, 2026 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रोहड़ू की ओर से पारित आदेश के खिलाफ दायर एक पुनरीक्षण याचिका पर आया है। याचिका तीन व्यक्तियों ने दाखिल की थी। पुलिस ने 2 जून, 2022 को भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान विभिन्न व्यक्तियों के कब्जे से वन उपज जब्त की गई थी। रोहड़ू वन प्रभाग के टिक्कर रेंज में सरकारी जंगल से 932 देवदार और 1940 काली लकड़ी के टुकड़े बरामद हुए थे। यह लकड़ी मई और जून 2022 में शरोंथा वन बीट में अवैध कटाई के बाद मिली थी। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि उनके पास लकड़ी वितरण योजना के तहत वैध परमिट थे। हालांकि, वे इन दस्तावेज को अदालत में पेश करने में विफल रहे। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने राज्य की याचिका स्वीकार कर ली थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। अदालत ने कहा कि जब्त की गई लकड़ी खराब होने वाली प्रकृति की है। इसे खुले में लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रोहड़ू की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निचली अदालत का फैसला सही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और ओडिशा उच्च न्यायालयों के पिछले फैसलों का हवाला दिए। इन फैसलों में खराब होने वाली लकड़ी की नीलामी करने और उसकी आय को सावधि जमा में रखने का निर्देश दिया गया था। न्यायाधीश ने कहा कि नीलामी से याचिकाकर्ताओं के अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत ने प्रभागीय वन अधिकारी को व्यक्तिगत मुचलका और दो जमानती बांड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह मुचलका निचली अदालत द्वारा निर्धारित राशि का होगा। पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का 16 मई, 2026 का आदेश बरकरार रखा गया है।
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