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Rampur Bushahar News: विकास पर भारी पड़ रही पंचायतों की लेटलतीफी
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पंचायत समिति सभागार रामपुर में विधायक नंद लाल विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ समीक
वित्त वर्ष 2024-25 की 9 करोड़ की राशि पंचायतें नहीं कर पाईं खर्च
रामपुर विकास खंड में 15वें वित्त आयोग का 25 फीसदी पैसा ही हुआ खर्च
जन प्रतिनिधि और पंचायत सचिव दे रहे जियो टैगिंग न होने का हवाला
पंचायतों की समीक्षा बैठक में खुलासा, सातवें वित्तायोग अध्यक्ष ने जताई चिंता
37 में से केवल एक तकलेच पंचायत कर पाई धनराशि खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। विकास खंड रामपुर की 37 पंचायतें में बीते वित्त वर्ष 2024-25 की नौ करोड़ की राशि विकास कार्यों पर खर्च ही नहीं हो पाई है। 15वें वित्तायोग के तहत इस वित्त वर्ष में केवल 25 फीसदी राशि ही खर्च हो पाई है। पंचायतों की समीक्षा बैठक में सोमवार को यह खुलासा हुआ। यह बैठक सातवें वित्तायोग अध्यक्ष नंद लाल की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में हुई। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह और खंड विकास अधिकारी राजेंद्र नेगी भी मौजूद रहे। सातवें वित्तायोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंदलाल ने इसे लेकर चिंता जताई और कहा कि पैसा होने के बावजूद खर्च न होना चिंताजनक है। बीडीओ राजेंद्र नेगी ने बताया कि 15वें वित्तायोग के तहत जारी की गई राशि में अभी तक रामपुर की विभिन्न पंचायतें पूरा पैसा खर्च नहीं कर पाई हैं। कुल 12.98 करोड़ की राशि में से वित वर्ष 2024-25 में 37 पंचायतें केवल 3.26 लाख की राशि ही खर्च पाईं हैं, जबकि 9 करोड़ के करीब राशि पंचायतों के खातों में पड़ी हुई है। विभिन्न पंचायतों के नुमाईदों, तकनीकी सहायकों और पंचायत सचिवों ने कहा कि अधिकतर काम हो चुके हैं, लेकिन उन कार्यों की जियो टैगिंग होना बाकी है। विधायक नंदलाल ने चिंता जताते हुए कहा कि पंचायतों में धनराशि होने के बावजूद विकास कार्यों पर खर्च न होना चिंताजनक है। यदि किसी पंचायत में एसआरए के तहत कोई काम रुका हुआ है, तो उसके कागज वो वन विभाग से तुरंत उठाएं, ताकि स्थानीय विभाग के माध्यम से उसे दूर कर कार्य को जल्द पूर्ण किया जा सके। बैठक में तकलेच पंचायत की कार्यप्रणाली की सराहना की गई। इस एकमात्र पंचायत ने 15वें वित्त आयोग के पूरी राशि को खर्च किया है। वहीं, दुर्गम पंचायत काशापाट, कूट, क्याव, फांचा, जघोरी और अन्य पंचायतों में काफी राशि पड़ी हुई है। बैठक में मनरेगा व अन्य कार्यों से संबंधित भी चर्चा की गई। एमएलए फंड को जल्द से जल्द खर्च करने के लिए सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए। वहीं, बीडीसी और जिला परिषद की धनराशि को जल्द खर्च करने पर चर्चा हुई। इस मौके पर पंचायत समिति अध्यक्ष आशीष कायथ, डीएफओ गुरहर्ष सिंह सहित जन प्रतिनिधी और पंचायत सचिव मौजूद रहे।
- संवाद
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रामपुर विकास खंड में 15वें वित्त आयोग का 25 फीसदी पैसा ही हुआ खर्च
जन प्रतिनिधि और पंचायत सचिव दे रहे जियो टैगिंग न होने का हवाला
पंचायतों की समीक्षा बैठक में खुलासा, सातवें वित्तायोग अध्यक्ष ने जताई चिंता
37 में से केवल एक तकलेच पंचायत कर पाई धनराशि खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। विकास खंड रामपुर की 37 पंचायतें में बीते वित्त वर्ष 2024-25 की नौ करोड़ की राशि विकास कार्यों पर खर्च ही नहीं हो पाई है। 15वें वित्तायोग के तहत इस वित्त वर्ष में केवल 25 फीसदी राशि ही खर्च हो पाई है। पंचायतों की समीक्षा बैठक में सोमवार को यह खुलासा हुआ। यह बैठक सातवें वित्तायोग अध्यक्ष नंद लाल की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में हुई। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह और खंड विकास अधिकारी राजेंद्र नेगी भी मौजूद रहे। सातवें वित्तायोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंदलाल ने इसे लेकर चिंता जताई और कहा कि पैसा होने के बावजूद खर्च न होना चिंताजनक है। बीडीओ राजेंद्र नेगी ने बताया कि 15वें वित्तायोग के तहत जारी की गई राशि में अभी तक रामपुर की विभिन्न पंचायतें पूरा पैसा खर्च नहीं कर पाई हैं। कुल 12.98 करोड़ की राशि में से वित वर्ष 2024-25 में 37 पंचायतें केवल 3.26 लाख की राशि ही खर्च पाईं हैं, जबकि 9 करोड़ के करीब राशि पंचायतों के खातों में पड़ी हुई है। विभिन्न पंचायतों के नुमाईदों, तकनीकी सहायकों और पंचायत सचिवों ने कहा कि अधिकतर काम हो चुके हैं, लेकिन उन कार्यों की जियो टैगिंग होना बाकी है। विधायक नंदलाल ने चिंता जताते हुए कहा कि पंचायतों में धनराशि होने के बावजूद विकास कार्यों पर खर्च न होना चिंताजनक है। यदि किसी पंचायत में एसआरए के तहत कोई काम रुका हुआ है, तो उसके कागज वो वन विभाग से तुरंत उठाएं, ताकि स्थानीय विभाग के माध्यम से उसे दूर कर कार्य को जल्द पूर्ण किया जा सके। बैठक में तकलेच पंचायत की कार्यप्रणाली की सराहना की गई। इस एकमात्र पंचायत ने 15वें वित्त आयोग के पूरी राशि को खर्च किया है। वहीं, दुर्गम पंचायत काशापाट, कूट, क्याव, फांचा, जघोरी और अन्य पंचायतों में काफी राशि पड़ी हुई है। बैठक में मनरेगा व अन्य कार्यों से संबंधित भी चर्चा की गई। एमएलए फंड को जल्द से जल्द खर्च करने के लिए सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए। वहीं, बीडीसी और जिला परिषद की धनराशि को जल्द खर्च करने पर चर्चा हुई। इस मौके पर पंचायत समिति अध्यक्ष आशीष कायथ, डीएफओ गुरहर्ष सिंह सहित जन प्रतिनिधी और पंचायत सचिव मौजूद रहे।
- संवाद