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बिजली उत्पादन में एक प्रतिशत रॉयल्टी की लड़ाई लड़ेंगे प्रभावित
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रामपुर में प्रेस को संबोधित करते नाथपा झाकड़ी विस्थापित कल्याण समिति के अध्यक्ष भगत राम भारती।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। नाथपा झाकड़ी विस्थापित कल्याण समिति प्रदेश में बनी विभिन्न विद्युत परियोजनाओं के प्रभावितों की राज्यस्तरीय कार्यकारिणी गठित करेगी। यह कार्यकारिणी विद्युत परियोजनाओं के किए जा रहे विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत रॉयल्टी परियोजना प्रभावितों को दिलाने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। यह बात नाथपा झाकड़ी विस्थापित कल्याण समिति अध्यक्ष भगतराम भारती ने रामपुर में कही।
भारती ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए नाथपा झाकड़ी परियोजना विस्थापितों ने अपनी भूमि दी लेकिन आज उन्हें परियोजना के किए जा रहे विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि का का भुगतना नहीं किया गया है। हालांकि वर्ष 2009 में बनी पॉलिसी के मुताबिक नई और पुरानी विद्युत परियोजनाओं को प्रभावितों को एक प्रतिशत राशि देने की बात साफ कही गई है। हालांकि प्रदेश सरकार परियोजनाओं से 12 प्रतिशत रॉयल्टी ली जा रही है।
वहीं प्रभावितों को भी एक प्रतिशत राशि मिलनी चाहिए। विभिन्न समस्याओं को लेकर वीरवार को झाकड़ी में विस्थापित कल्याण समिति की बैठक आयोजित होगी। इसमें परियोजना प्रभावित 10 पंचायतों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। भारती ने कहा कि परियोजना प्रबंधन ने विस्थापितों के साथ अत्याचार किया है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति लंबे अरसे से प्रभावितों की मांगों को प्रमुखता से उठा रही है।
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एक प्रतिशत रॉयल्टी देने की मांग को लेकर वर्ष 2014 में 157 दिन का अनशन किया गया था। इसके बाद बैठक बुलाई गई और एक प्रतिशत रॉयल्टी देने को लेकर सहमति बनी। मगर परियोजना प्रभावित आज भी अपने हकों से वंचित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न परियोजना के प्रभावितों की राज्य स्तर पर कार्यकारिणी आगामी छह महीने के भीतर तैयार की जाएगी।
यह कार्यकारिणी प्रदेश स्तर पर प्रभावितों की जायज मांगों को उठाएगी। वीरवार सुबह 11 बजे झाकड़ी में कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए बैठक आयोजित कर प्रभावितों के ज्वलंत मुद्दों को उठाया जाएगा।
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भारती ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए नाथपा झाकड़ी परियोजना विस्थापितों ने अपनी भूमि दी लेकिन आज उन्हें परियोजना के किए जा रहे विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि का का भुगतना नहीं किया गया है। हालांकि वर्ष 2009 में बनी पॉलिसी के मुताबिक नई और पुरानी विद्युत परियोजनाओं को प्रभावितों को एक प्रतिशत राशि देने की बात साफ कही गई है। हालांकि प्रदेश सरकार परियोजनाओं से 12 प्रतिशत रॉयल्टी ली जा रही है।
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वहीं प्रभावितों को भी एक प्रतिशत राशि मिलनी चाहिए। विभिन्न समस्याओं को लेकर वीरवार को झाकड़ी में विस्थापित कल्याण समिति की बैठक आयोजित होगी। इसमें परियोजना प्रभावित 10 पंचायतों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। भारती ने कहा कि परियोजना प्रबंधन ने विस्थापितों के साथ अत्याचार किया है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति लंबे अरसे से प्रभावितों की मांगों को प्रमुखता से उठा रही है।
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एक प्रतिशत रॉयल्टी देने की मांग को लेकर वर्ष 2014 में 157 दिन का अनशन किया गया था। इसके बाद बैठक बुलाई गई और एक प्रतिशत रॉयल्टी देने को लेकर सहमति बनी। मगर परियोजना प्रभावित आज भी अपने हकों से वंचित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न परियोजना के प्रभावितों की राज्य स्तर पर कार्यकारिणी आगामी छह महीने के भीतर तैयार की जाएगी।
यह कार्यकारिणी प्रदेश स्तर पर प्रभावितों की जायज मांगों को उठाएगी। वीरवार सुबह 11 बजे झाकड़ी में कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए बैठक आयोजित कर प्रभावितों के ज्वलंत मुद्दों को उठाया जाएगा।