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Rampur Bushahar News: सांगला में निरंकारी समागम में जिले भर से पहुंचे लोग
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सांगला में संत निरंकारी मिशन के समागम में मौजूद जिले भर से आए लोग। संवाद
दिनभर चला भजन-कीर्तन का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। सांगला के लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में रविवार को संयोजक सतरीय निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। समागम की अध्यक्षता पीसी सिंघा (फायल) ने की। इस समागम में सांगला वैली के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सत्संग सुना। इस दौरान पीसी सिंघा ने सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की कृपा से करीब चार घंटे तक समागम में सत्संग सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार आप जिसे पूजते हो, उसे देखो और जानो। उन्होंने संदेश दिया कि निरंकार प्रभु को खुली आंखों से देखा जा सकता है। जन्माष्टमी पर्व को लेकर संयोजक पीसी सिंघा ने कहा कि आज के दौर में जन्माष्टमी पर्व तो बहुत मनाया जा रहा है, लेकिन श्रीकृष्ण भगवान की ओर से अर्जुन को दिए गए दिव्य ज्ञान का अनुसरण नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि निरंकारी मिशन ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इस समागम में मूरंग, सांगला, टापरी, सापनी, रिकांगपिओ से आए संतों ने भजन-कीर्तन और प्रवचन किया। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला संयोजक डीजी नेगी, हरिसिंह मुखी सांगला, मुनीलाल मुखी टापरी, मोहन मुखी मूरंग सहित अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। सांगला के लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में रविवार को संयोजक सतरीय निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। समागम की अध्यक्षता पीसी सिंघा (फायल) ने की। इस समागम में सांगला वैली के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सत्संग सुना। इस दौरान पीसी सिंघा ने सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की कृपा से करीब चार घंटे तक समागम में सत्संग सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार आप जिसे पूजते हो, उसे देखो और जानो। उन्होंने संदेश दिया कि निरंकार प्रभु को खुली आंखों से देखा जा सकता है। जन्माष्टमी पर्व को लेकर संयोजक पीसी सिंघा ने कहा कि आज के दौर में जन्माष्टमी पर्व तो बहुत मनाया जा रहा है, लेकिन श्रीकृष्ण भगवान की ओर से अर्जुन को दिए गए दिव्य ज्ञान का अनुसरण नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि निरंकारी मिशन ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इस समागम में मूरंग, सांगला, टापरी, सापनी, रिकांगपिओ से आए संतों ने भजन-कीर्तन और प्रवचन किया। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला संयोजक डीजी नेगी, हरिसिंह मुखी सांगला, मुनीलाल मुखी टापरी, मोहन मुखी मूरंग सहित अन्य मौजूद रहे।