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Rampur Bushahar News: पंचायत की नाराजगी के बाद एनएच और जंगल से नगर परिषद ने उठवाया कचरा
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ठियोग में जंगल में ठिकाने लगाया कचरा, जिसे नगर परिषद ने उठवाया। संवाद
जंगल में ठिकाने लगाए कचरे का एक ट्रक भेजा भरयाल
.गीले कचरे पर मिट्टी डालकर किया जाएगा निस्तारण : शर्मा
. विधायक कुलदीप राठौर ने एसडीएम ठियोग को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग के साथ लगते रोरू जंगल क्षेत्र और एनएच-पांच किनारे ठिकाने लगाए कूड़े-कचरे को स्थानीय पंचायत की नाराजगी के बाद नगर परिषद ठियोग ने उठवा दिया है। क्षेत्र की स्वच्छता, पर्यावरण और प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी मौके से कचरा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कचरे को लेकर स्थानीय पंचायत ने नाराजगी जताई थी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई की मांग उठाई थी। नगर परिषद ने मौके पर पड़े सूखे कचरे को उठाकर एक ट्रक के माध्यम से शिमला के भरयाल स्थित कूड़ा संयंत्र भेज दिया है। वहीं, मौके पर बड़ी मात्रा में मौजूद गीले कचरे के निस्तारण के लिए उस पर मिट्टी डाली जाएगी ताकि कचरे को ढक कर उसका निस्तारण किया जा सके। नगर परिषद ने यह भी निर्णय लिया है कि जिस सड़क मार्ग से होकर कूड़ा फेंकने वाले वाहन इस स्थान तक पहुंचते हैं, वहां खाई खोदी जाएगी। इससे वाहनों की मौके तक पहुंच को रोका जा सकेगा और भविष्य में यहां दोबारा कूड़ा फेंकने की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी वरुण शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का नगर परिषद ने स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि मौके से सूखा कूड़ा-कचरा उठवाकर एक ट्रक भरयाल कूड़ा संयंत्र भेज दिया गया है, जबकि जो कूड़ा बाकी बचा है, उसको भी साफ किया जाएगा। मौके पर मौजूद गीले कचरे पर मिट्टी डालकर उसका निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस सड़क से होकर कचरा फेंकने वाले वाहन मौके तक पहुंचते हैं, वहां खाई खोदी जाएगी, ताकि वाहनों की आवाजाही को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह स्थान नगर परिषद की सीमा से बाहर आता है, इसके बावजूद क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने स्वतः संज्ञान लेकर यहां सफाई की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी क्षेत्र के हित में यह कदम उठाया है। विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया था। उन्होंने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद यह मामला उनके संज्ञान में आया है। विधायक ने एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता को मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राठौर ने कहा कि ठियोग के पर्यावरण और वनों को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी तरह बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में खुले में कूड़ा फेंकने की घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने की बात कही। रोरू जंगल क्षेत्र में सड़क किनारे और जंगल में लंबे समय से कूड़ा फेंके जाने का मामला सामने आया था। यहां बड़ी मात्रा में बोरियों में भरकर खाद्य पदार्थों का कचरा भी फेंका गया था। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि बरसात के दौरान यह कचरा पानी के साथ बहकर चिखड़ खड्ड तक पहुंचने का अंदेशा बना हुआ था। चिखड़ खड्ड से स्थानीय पंचायत और नगर परिषद के कई वार्डों को पेयजल की आपूर्ति होने के कारण लोगों में पेयजल स्रोत के दूषित होने को लेकर चिंता बनी हुई थी। ठियोग-मत्याना मार्ग पर जंगल के बीच खुले में कूड़ा फेंके जाने से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता भी प्रभावित हो रही थी। सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगने से पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब नगर परिषद की ओर से सूखा कचरा हटाकर भरयाल भेजने, गीले कचरे पर मिट्टी डालकर उसका निस्तारण करने और कूड़ा फेंकने वाले वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सड़क पर खाई खोदने की कार्रवाई की जा रही है। नगर परिषद की इस पहल और विधायक के सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद क्षेत्र में दोबारा खुले में कूड़ा फेंकने पर रोक लगने की उम्मीद है।
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.गीले कचरे पर मिट्टी डालकर किया जाएगा निस्तारण : शर्मा
. विधायक कुलदीप राठौर ने एसडीएम ठियोग को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग के साथ लगते रोरू जंगल क्षेत्र और एनएच-पांच किनारे ठिकाने लगाए कूड़े-कचरे को स्थानीय पंचायत की नाराजगी के बाद नगर परिषद ठियोग ने उठवा दिया है। क्षेत्र की स्वच्छता, पर्यावरण और प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी मौके से कचरा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कचरे को लेकर स्थानीय पंचायत ने नाराजगी जताई थी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई की मांग उठाई थी। नगर परिषद ने मौके पर पड़े सूखे कचरे को उठाकर एक ट्रक के माध्यम से शिमला के भरयाल स्थित कूड़ा संयंत्र भेज दिया है। वहीं, मौके पर बड़ी मात्रा में मौजूद गीले कचरे के निस्तारण के लिए उस पर मिट्टी डाली जाएगी ताकि कचरे को ढक कर उसका निस्तारण किया जा सके। नगर परिषद ने यह भी निर्णय लिया है कि जिस सड़क मार्ग से होकर कूड़ा फेंकने वाले वाहन इस स्थान तक पहुंचते हैं, वहां खाई खोदी जाएगी। इससे वाहनों की मौके तक पहुंच को रोका जा सकेगा और भविष्य में यहां दोबारा कूड़ा फेंकने की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी वरुण शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का नगर परिषद ने स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि मौके से सूखा कूड़ा-कचरा उठवाकर एक ट्रक भरयाल कूड़ा संयंत्र भेज दिया गया है, जबकि जो कूड़ा बाकी बचा है, उसको भी साफ किया जाएगा। मौके पर मौजूद गीले कचरे पर मिट्टी डालकर उसका निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस सड़क से होकर कचरा फेंकने वाले वाहन मौके तक पहुंचते हैं, वहां खाई खोदी जाएगी, ताकि वाहनों की आवाजाही को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह स्थान नगर परिषद की सीमा से बाहर आता है, इसके बावजूद क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने स्वतः संज्ञान लेकर यहां सफाई की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी क्षेत्र के हित में यह कदम उठाया है। विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया था। उन्होंने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद यह मामला उनके संज्ञान में आया है। विधायक ने एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता को मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राठौर ने कहा कि ठियोग के पर्यावरण और वनों को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी तरह बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में खुले में कूड़ा फेंकने की घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने की बात कही। रोरू जंगल क्षेत्र में सड़क किनारे और जंगल में लंबे समय से कूड़ा फेंके जाने का मामला सामने आया था। यहां बड़ी मात्रा में बोरियों में भरकर खाद्य पदार्थों का कचरा भी फेंका गया था। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि बरसात के दौरान यह कचरा पानी के साथ बहकर चिखड़ खड्ड तक पहुंचने का अंदेशा बना हुआ था। चिखड़ खड्ड से स्थानीय पंचायत और नगर परिषद के कई वार्डों को पेयजल की आपूर्ति होने के कारण लोगों में पेयजल स्रोत के दूषित होने को लेकर चिंता बनी हुई थी। ठियोग-मत्याना मार्ग पर जंगल के बीच खुले में कूड़ा फेंके जाने से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता भी प्रभावित हो रही थी। सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगने से पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब नगर परिषद की ओर से सूखा कचरा हटाकर भरयाल भेजने, गीले कचरे पर मिट्टी डालकर उसका निस्तारण करने और कूड़ा फेंकने वाले वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सड़क पर खाई खोदने की कार्रवाई की जा रही है। नगर परिषद की इस पहल और विधायक के सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद क्षेत्र में दोबारा खुले में कूड़ा फेंकने पर रोक लगने की उम्मीद है।