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सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत जिले में खर्च होंगे 40 करोड़ : जगत सिंह नेगी
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खेलों को बढ़ावा देने को कल्पा में 26 करोड़ से बनेगा बहुउद्देशीय इंडोर स्टेडियम
उपेक्षित वर्गों के कल्याण को सरकार ने 81 लोगों को करवाई जमीन उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले में समग्र विकास के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए कल्पा में 26 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देशीय इंडोर स्टेडियम तैयार किया जाएगा। जिले के सांगला और कल्पा में आइस स्केटिंग रिंक तैयार किए गए हैं, ताकि जिले के युवा आइस हॉकी खेल में अपना भविष्य बनाएं। यह बात मंत्री जगत सिंह नेगी ने गणतंत्र दिवस की अध्यक्षता करते हुए कही।
मंत्री जगत सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों के कल्याण में अनेक कदम उठाए हैं। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जनजातीय जिला किन्नौर के भूमिहीन 81 लोगों को भू-पट्टे प्रदान कर उनको जमीन उपलब्ध करवाई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास किया जा रहा है। जनजातीय लोगों के कल्याण और उत्थान के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 84 करोड़ 81 लाख रुपये का बजट विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आवंटित किया गया। इसमें से अब तक 51 करोड़ 24 लाख रुपये व्यय कर लोगों को लाभान्वित किया गया। राजस्व मंत्री ने बताया कि जिले हर एक गांव को सड़क से जोड़ा जा चुका है, जबकि कंडों को सड़कों से जोड़ने का कार्य भी प्रगति पर है। विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है और स्कूलों में आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सरकार ने जवाहर उत्कृष्ट विद्यालय योजना को पुन: लागू किया है। योजना के तहत जो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं शिक्षा, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करेगी, उनका चयन इस पुरस्कार के लिए किया जाएगा और 50 हजार, 30 हजार और 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में आपदा से हुए नुकसान को ठीक करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जिले के शांगो में 6 करोड़ 95 लाख, रूकती खड्ड में डेढ़ करोड़ और रकछम में एक करोड़ रुपये की राशि से बाढ़ नियंत्रण का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा जिला के कल्पा, पांगी और सापनी क्षेत्र में सात करोड़ 97 लाख रुपये की राशि से फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा। रिब्बा पंचायत में 20.60 करोड़ रुपये से सीवरेज योजना, पांगी में 11 करोड़ और छितकुल में डेढ़ करोड़ रुपये से सीवरेज योजना का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुंगरा कंडा संपर्क मार्ग के कार्य के लिए 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सुन्नम गांव के लिए 6.50 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना का कार्य किया जाएगा। क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में 25 करोड़ रुपये की राशि से क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा इस वर्ष सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम को प्रदेश सरकार की ओर से पुन: शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत 40 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान जिला किन्नौर के लिए किया गया है।
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उपेक्षित वर्गों के कल्याण को सरकार ने 81 लोगों को करवाई जमीन उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले में समग्र विकास के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए कल्पा में 26 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देशीय इंडोर स्टेडियम तैयार किया जाएगा। जिले के सांगला और कल्पा में आइस स्केटिंग रिंक तैयार किए गए हैं, ताकि जिले के युवा आइस हॉकी खेल में अपना भविष्य बनाएं। यह बात मंत्री जगत सिंह नेगी ने गणतंत्र दिवस की अध्यक्षता करते हुए कही।
मंत्री जगत सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों के कल्याण में अनेक कदम उठाए हैं। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जनजातीय जिला किन्नौर के भूमिहीन 81 लोगों को भू-पट्टे प्रदान कर उनको जमीन उपलब्ध करवाई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास किया जा रहा है। जनजातीय लोगों के कल्याण और उत्थान के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 84 करोड़ 81 लाख रुपये का बजट विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आवंटित किया गया। इसमें से अब तक 51 करोड़ 24 लाख रुपये व्यय कर लोगों को लाभान्वित किया गया। राजस्व मंत्री ने बताया कि जिले हर एक गांव को सड़क से जोड़ा जा चुका है, जबकि कंडों को सड़कों से जोड़ने का कार्य भी प्रगति पर है। विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है और स्कूलों में आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सरकार ने जवाहर उत्कृष्ट विद्यालय योजना को पुन: लागू किया है। योजना के तहत जो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं शिक्षा, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करेगी, उनका चयन इस पुरस्कार के लिए किया जाएगा और 50 हजार, 30 हजार और 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में आपदा से हुए नुकसान को ठीक करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जिले के शांगो में 6 करोड़ 95 लाख, रूकती खड्ड में डेढ़ करोड़ और रकछम में एक करोड़ रुपये की राशि से बाढ़ नियंत्रण का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा जिला के कल्पा, पांगी और सापनी क्षेत्र में सात करोड़ 97 लाख रुपये की राशि से फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा। रिब्बा पंचायत में 20.60 करोड़ रुपये से सीवरेज योजना, पांगी में 11 करोड़ और छितकुल में डेढ़ करोड़ रुपये से सीवरेज योजना का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुंगरा कंडा संपर्क मार्ग के कार्य के लिए 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सुन्नम गांव के लिए 6.50 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना का कार्य किया जाएगा। क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में 25 करोड़ रुपये की राशि से क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा इस वर्ष सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम को प्रदेश सरकार की ओर से पुन: शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत 40 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान जिला किन्नौर के लिए किया गया है।
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