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Rampur Bushahar News: बाइक-टिप्पर की टक्कर में गई थी मेकेनिक की जान, परिवार को मिलेंगे 26.21 लाख
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मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को मुआवजा देने के दिए आदेश
वर्ष 2022 में रामपुर के सफेद ढांक के पास हुआ था हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर शहर में करीब साढ़े तीन साल पहले बाइक और टिपर की टक्कर में जान गंवाने वाले मेकेनिक के परिवार को 26,21,696 रुपये का मुआवजा मिलेगा। रामपुर स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण किन्नौर ने टिपर का बीमा करने वाली कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामले की याचिका मृतक विनोद कुमार उर्फ मिशल निवासी निचार, जिला किन्नौर की पत्नी, तीन बच्चों और मां की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका के अनुसार, रामपुर में मेकेनिक का काम करने वाला विनोद कुमार 24 अप्रैल 2022 को बाइक पर रामपुर शहर से नए बस अड्डा की ओर जा रहा था। जब वह सफेद ढांक के पास पहुंचा, तो सामने आ रहे टिपर ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, विनोद रामपुर में मोटर मेकेनिक की दुकान चलाता था। अपने काम से हर महीने 40 हजार रुपये से ज्यादा कमाता था। दलील दी गई है कि मृतक अपने परिवार का अकेला कमाने वाला था। परिवार उस पर ही आश्रित था, इसलिए याचिकाकर्ताओं को 40 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। मामले में टिपर मालिक, चालक और बीमा कंपनी को प्रतिवादी बनाया गया। तीनों ने अपने जवाब अदालत में दाखिल किए। टिपर मालिक और चालक ने दलील दी कि बाइक सवार हेलमेट नहीं पहने हुए थे और ट्रिपल राइडिंग कर रहे थे। असल में मृतक की बाइक बहुत तेज स्पीड में थी। बाइक सवार उसे कंट्रोल नहीं कर सका और टिपर से टकरा गया। दलील यह भी दी कि टिपर का कंपनी के पास पूरा बीमा था। यदि यह ट्रिब्यूनल इस नतीजे पर पहुंचता है कि याचिकाकर्ता मुआवजे के हकदार हैं, तो बीमा कंपनी की यह जिम्मेदारी है कि हर्जाना दें। बीमा कंपनी ने दलील दी कि टिपर बीमा पॉलिसी की शर्तों के खिलाफ चलाया जा रहा था। उधर, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने नतीजों के आधार पर याचिका को मंजूर किया। याचिकाकर्ताओं को 26,21,696 रुपये का मुआवजा याचिका को फाइल करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया।
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वर्ष 2022 में रामपुर के सफेद ढांक के पास हुआ था हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर शहर में करीब साढ़े तीन साल पहले बाइक और टिपर की टक्कर में जान गंवाने वाले मेकेनिक के परिवार को 26,21,696 रुपये का मुआवजा मिलेगा। रामपुर स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण किन्नौर ने टिपर का बीमा करने वाली कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामले की याचिका मृतक विनोद कुमार उर्फ मिशल निवासी निचार, जिला किन्नौर की पत्नी, तीन बच्चों और मां की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका के अनुसार, रामपुर में मेकेनिक का काम करने वाला विनोद कुमार 24 अप्रैल 2022 को बाइक पर रामपुर शहर से नए बस अड्डा की ओर जा रहा था। जब वह सफेद ढांक के पास पहुंचा, तो सामने आ रहे टिपर ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, विनोद रामपुर में मोटर मेकेनिक की दुकान चलाता था। अपने काम से हर महीने 40 हजार रुपये से ज्यादा कमाता था। दलील दी गई है कि मृतक अपने परिवार का अकेला कमाने वाला था। परिवार उस पर ही आश्रित था, इसलिए याचिकाकर्ताओं को 40 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। मामले में टिपर मालिक, चालक और बीमा कंपनी को प्रतिवादी बनाया गया। तीनों ने अपने जवाब अदालत में दाखिल किए। टिपर मालिक और चालक ने दलील दी कि बाइक सवार हेलमेट नहीं पहने हुए थे और ट्रिपल राइडिंग कर रहे थे। असल में मृतक की बाइक बहुत तेज स्पीड में थी। बाइक सवार उसे कंट्रोल नहीं कर सका और टिपर से टकरा गया। दलील यह भी दी कि टिपर का कंपनी के पास पूरा बीमा था। यदि यह ट्रिब्यूनल इस नतीजे पर पहुंचता है कि याचिकाकर्ता मुआवजे के हकदार हैं, तो बीमा कंपनी की यह जिम्मेदारी है कि हर्जाना दें। बीमा कंपनी ने दलील दी कि टिपर बीमा पॉलिसी की शर्तों के खिलाफ चलाया जा रहा था। उधर, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने नतीजों के आधार पर याचिका को मंजूर किया। याचिकाकर्ताओं को 26,21,696 रुपये का मुआवजा याचिका को फाइल करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया।