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Rampur Bushahar News: वन अधिकार मामलों का पारदर्शिता और निष्पक्षता से हो निपटारा
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एसडीएम ने बैठक में अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
94 वन अधिकार मामलों पर किया विचार-विमर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी कार्यान्वयन और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध वन अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से शनिवार को बैठक हुई। उपमंडल स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने की।
एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वन अधिकार मामलों का निपटारा पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करें, ताकि वास्तविक पात्र लाभार्थियों को अधिनियम का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो और सभी प्रकिया सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों एवं अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की जाएं। बैठक में वन अधिकार समितियों (एफआरसी) डढारा, बड़ोग, चौका, बाहली और खनेरी से प्राप्त कुल 94 वन अधिकार मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें 93 मामले व्यक्तिगत वन अधिकारों से संबंधित थे जबकि एक मामला सामूहिक वन अधिकार श्रेणी का था। एफआरसी डढारा से 13 व्यक्तिगत और एक सामूहिक, बड़ोग से 20, चौका से आठ, बाहली से 13 और खनेरी से 39 वन अधिकार दावे प्राप्त हुए थे।
बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों, पंचायत समिति के प्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने प्रत्येक दावे से जुड़े दस्तावेजों, अभिलेखों और स्थल से संबंधित तथ्यों की समीक्षा की। दावों की पात्रता, दस्तावेजों की पूर्णता और अधिनियम में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप मामलों के निपटारे को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए। एसडीएम ने कहा कि इससे पूर्व उपमंडल स्तरीय समिति की आयोजित बैठक में कुल 48 व्यक्तिगत वन अधिकार दावे प्राप्त हुए थे। इनमें एफआरसी बाहली से 22, नावन से चार और बाड़ा से 22 मामले शामिल थे। दस्तावेजों की जांच के बाद एफआरसी बाहली से प्राप्त 22 मामलों में विसंगतियां पाए जाने के कारण उन्हें पुन: संबंधित एफआरसी को वापस भेजा गया जबकि नावन के चार और बेरा के 22 मामलों को आगामी कार्रवाई के लिए जिला स्तरीय समिति को प्रेषित किया गया।
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बैठक में तहसीलदार उमेश शर्मा, रेंज अधिकारी रामपुर आयुष गुप्ता, रेंज अधिकारी ननखड़ी नरेंद्र ठाकुर, रेंज अधिकारी बाहली राजेश्वर कल्याण, पंचायत समिति अध्यक्ष आशीष कायथ और उपाध्यक्ष रूपेश्वर सिंह उपस्थित रहे।
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94 वन अधिकार मामलों पर किया विचार-विमर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी कार्यान्वयन और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध वन अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से शनिवार को बैठक हुई। उपमंडल स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने की।
एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वन अधिकार मामलों का निपटारा पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करें, ताकि वास्तविक पात्र लाभार्थियों को अधिनियम का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो और सभी प्रकिया सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों एवं अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की जाएं। बैठक में वन अधिकार समितियों (एफआरसी) डढारा, बड़ोग, चौका, बाहली और खनेरी से प्राप्त कुल 94 वन अधिकार मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें 93 मामले व्यक्तिगत वन अधिकारों से संबंधित थे जबकि एक मामला सामूहिक वन अधिकार श्रेणी का था। एफआरसी डढारा से 13 व्यक्तिगत और एक सामूहिक, बड़ोग से 20, चौका से आठ, बाहली से 13 और खनेरी से 39 वन अधिकार दावे प्राप्त हुए थे।
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बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों, पंचायत समिति के प्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने प्रत्येक दावे से जुड़े दस्तावेजों, अभिलेखों और स्थल से संबंधित तथ्यों की समीक्षा की। दावों की पात्रता, दस्तावेजों की पूर्णता और अधिनियम में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप मामलों के निपटारे को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए। एसडीएम ने कहा कि इससे पूर्व उपमंडल स्तरीय समिति की आयोजित बैठक में कुल 48 व्यक्तिगत वन अधिकार दावे प्राप्त हुए थे। इनमें एफआरसी बाहली से 22, नावन से चार और बाड़ा से 22 मामले शामिल थे। दस्तावेजों की जांच के बाद एफआरसी बाहली से प्राप्त 22 मामलों में विसंगतियां पाए जाने के कारण उन्हें पुन: संबंधित एफआरसी को वापस भेजा गया जबकि नावन के चार और बेरा के 22 मामलों को आगामी कार्रवाई के लिए जिला स्तरीय समिति को प्रेषित किया गया।
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बैठक में तहसीलदार उमेश शर्मा, रेंज अधिकारी रामपुर आयुष गुप्ता, रेंज अधिकारी ननखड़ी नरेंद्र ठाकुर, रेंज अधिकारी बाहली राजेश्वर कल्याण, पंचायत समिति अध्यक्ष आशीष कायथ और उपाध्यक्ष रूपेश्वर सिंह उपस्थित रहे।