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Rampur Bushahar News: स्थानीय उत्पाद बनेंगे ब्रांड, चाजु में युवाओं को दिया प्रशिक्षण
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चौपाल के चांजू में प्रशिक्षण शिविर के दौरान ग्रामीण एवं विशेषज्ञ। स्रोत: संस्थान
डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी ने लगाया प्रशिक्षण शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। चाजु पंचायत में खाद्य प्रसंस्करण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने आरकेवीवाई परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय प्राकृतिक उत्पादों का तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से सतत् आजीविका हेतु उपयोग रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की ओर से आय एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाना था। विश्वविद्यालय से आए विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने मोटे अनाज और स्थानीय प्राकृतिक उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ एवं बाजार मूल्य को बढ़ाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकरण योजना और संपदा योजना के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस प्रशिक्षण में प्रमुख प्रतिभागियों में उषा गजटा, माला सिन्हा, नीमा देवी, नरेश कुमार, संदीपना और रोहित शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। चाजु पंचायत में खाद्य प्रसंस्करण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने आरकेवीवाई परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय प्राकृतिक उत्पादों का तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से सतत् आजीविका हेतु उपयोग रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की ओर से आय एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाना था। विश्वविद्यालय से आए विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने मोटे अनाज और स्थानीय प्राकृतिक उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ एवं बाजार मूल्य को बढ़ाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकरण योजना और संपदा योजना के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस प्रशिक्षण में प्रमुख प्रतिभागियों में उषा गजटा, माला सिन्हा, नीमा देवी, नरेश कुमार, संदीपना और रोहित शामिल रहे।