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Rampur Bushahar News: स्कूल की राह में रोज दांव पर जान

Mon, 13 Jul 2026 11:16 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:16 PM IST
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Life is at stake every day on the way to school
ज्यूरी से स्कूल जाने के लिए बोलेरो कैंपर में सवार होते बच्चे। संवाद
लाइव रिपोर्ट
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स्कूल बस न आने से बाेंडा सराहन स्कूल के छात्र खुली कैंपर कर रहे सफर
अभिभावकों ने सुरक्षा की जताई चिंता
236 रुपये के मासिक हिम बस पास बनाने के बाद भी निजी गाड़ियों में करना पड़ रहा सफर
स्कूल बस के नियमित न चलने से छात्र समय पर विद्यालय में न पहुंचने पर भी भुगत रहे सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। सुबह करीब आठ बजे ज्यूरी चौक पर रोजाना स्कूल ड्रेस पहने छोटे-छोटे बच्चे एचआरटीसी की स्कूल बस का इंतजार करते हैं। कुछ देर बाद जब बस नहीं आती, तो अभिभावकों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई देने लगती है। आखिरकार मजबूरी में बच्चों को एक खुले बोलेरो कैंपर के पीछे बने कैबिन में बैठाकर या खड़ा कर केंद्रीय विद्यालय बोंडा सराहन के लिए रवाना कर दिया जाता है। बच्चों की सुरक्षा से समझौता कर यह सफर अब रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका है।
केंद्रीय विद्यालय बोंडा सराहन जाने वाले ज्यूरी क्षेत्र के करीब 50 छात्र कई दिनों से इसी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सुबह के समय हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की स्कूल बस नियमित रूप से नहीं चल रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार रोजाना टैक्सी का खर्च नहीं उठा सकते, इसलिए उनके पास खुले कैंपर का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
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सोमवार को ज्यूरी चौक पर ऐसा ही देखने को मिला। छोटे-छोटे बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में कैंपर में बैठाकर स्कूल भेजा गया। कई बच्चे पीछे खुले हिस्से में सफर करते नजर आए। बरसात में यह सफर और भी खतरनाक हो जाता है, लेकिन अभिभावकों के सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की मजबूरी है।
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अभिभावकों का कहना है कि बस का इंतजार करते-करते बच्चों की स्कूल पहुंचने में देरी हो जाती है। कई बार देर से पहुंचने पर उन्हें कक्षा में खड़ा रहने की सजा भी मिलती है। ऐसे में गलती न होने के बावजूद बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ज्यूरी बाजार, त्यावल, कोटला, क्यार, डवारच और बठारा से प्रतिदिन विद्यार्थी केंद्रीय विद्यालय बोंडा सराहन जाते हैं। इन सभी छात्रों ने 236 रुपये का मासिक हिम बस पास भी बनवा रखा है, लेकिन नियमित बस सेवा नहीं मिलने से पास का भी कोई लाभ नहीं मिल रहा।
अभिभावक कपूर शर्मा, गजेंद्र छेत्री, जोगिंद्र नेगी, कृष्ण चंद, भूपेंद्र शर्मा, जगदीश शर्मा, स्नेह लता, गीता दंगल, अरुणा खोजान, प्रतिभा कुमारी, दलीप कुमार, किशोर कुमार और अंजू नेगी का कहना है कि स्कूल बस कई दिनों से नियमित नहीं चल रही। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनकी सुरक्षा भी खतरे में है। उनका कहना है कि जब सरकार विद्यार्थियों के लिए रियायती बस पास की सुविधा दे रही है, तो नियमित बस सेवा सुनिश्चित करना भी निगम की जिम्मेदारी है। अभिभावकों ने एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की कि स्कूल बस को तत्काल नियमित किया जाए।

लगातार बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं। कुछ रूटों पर बसें फंस गई हैं। बसों की कमी के चलते नियमित सेवा प्रभावित हुई है। स्थिति सामान्य होते ही स्कूल बसों का संचालन नियमित करने का प्रयास किया जाएगा।
हुमेश, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी रामपुर
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