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हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा, 2 लाख रुपये जुर्माना
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रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने हत्या का आरोप सिद्ध होने पर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी 25 वर्षीय अनिल पुत्र तारा चंद गांव कुहल डाकघर देवठी तहसील रामपुर बुशहर जिला शिमला को यह सजा सुनाई है।
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 20 मार्च 2018 को अनिल अपने गांव के अन्य साथियों के साथ भेड़ बकरियां चराने झुमकराई जंगल गया था और इस दौरान कली दास गांव कापटी तहसील रामपुर जिला शिमला भी अपनी भेड़ों के साथ इसी जंगल में था। यहां सबसे पहले सभी ने मिलकर शराब पी और शाम करीब 5 बजे अनिल और उसके साथी अपने गांव की तरफ निकल गए। इस दौरान कली दास भी अपनी भेड़ों को लेकर घर की ओर निकला।
कुछ दूरी पर अनिल वापस कली दास की ओर मुड़ा। इस दौरान अनिल और कली दास के बीच किसी पुराने लेनदेन को लेकर बहस हो गई। बहस बढ़ती गई और अनिल ने कली दास पर जानलेवा हमला कर उसे जान से मार दिया। साथ ही उसने कली दास की जेब में रखे हुए 20 हजार रुपये भी चुरा लिए, जो बाद में छानबीन के दौरान उसके घर से बरामद हुए। घटना के बाद पुलिस थाना झाकड़ी में इस बारे में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस थाना प्रभारी झाकड़ी जीत राम ने तफ्तीश अमल में लाई। सभी साक्ष्यों को एकत्र करने और गवाहों के बयान कलमबंद करने के बाद पांच अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। वहीं मुकदमे की पैरवी के दौरान 20 गवाहों के बयान कलमबंद किए गए और साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को बरी किया गया, जबकि अनिल शेटी को कली दास कि हत्या का दोषी पाया गया। साथ ही दोष साबित होने पर अनिल शेटी को यह सजा सुनाई गई है। उक्त 2 लाख रुपयों की राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। इस मामले कि पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 20 मार्च 2018 को अनिल अपने गांव के अन्य साथियों के साथ भेड़ बकरियां चराने झुमकराई जंगल गया था और इस दौरान कली दास गांव कापटी तहसील रामपुर जिला शिमला भी अपनी भेड़ों के साथ इसी जंगल में था। यहां सबसे पहले सभी ने मिलकर शराब पी और शाम करीब 5 बजे अनिल और उसके साथी अपने गांव की तरफ निकल गए। इस दौरान कली दास भी अपनी भेड़ों को लेकर घर की ओर निकला।
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कुछ दूरी पर अनिल वापस कली दास की ओर मुड़ा। इस दौरान अनिल और कली दास के बीच किसी पुराने लेनदेन को लेकर बहस हो गई। बहस बढ़ती गई और अनिल ने कली दास पर जानलेवा हमला कर उसे जान से मार दिया। साथ ही उसने कली दास की जेब में रखे हुए 20 हजार रुपये भी चुरा लिए, जो बाद में छानबीन के दौरान उसके घर से बरामद हुए। घटना के बाद पुलिस थाना झाकड़ी में इस बारे में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस थाना प्रभारी झाकड़ी जीत राम ने तफ्तीश अमल में लाई। सभी साक्ष्यों को एकत्र करने और गवाहों के बयान कलमबंद करने के बाद पांच अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। वहीं मुकदमे की पैरवी के दौरान 20 गवाहों के बयान कलमबंद किए गए और साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को बरी किया गया, जबकि अनिल शेटी को कली दास कि हत्या का दोषी पाया गया। साथ ही दोष साबित होने पर अनिल शेटी को यह सजा सुनाई गई है। उक्त 2 लाख रुपयों की राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। इस मामले कि पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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