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Rampur Bushahar News: पौने तीस करोड़ खर्च कर भी नहीं हो पाया एक चौथाई हिस्से का निर्माण

Thu, 01 Aug 2024 11:08 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2024 11:08 PM IST
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17 सालों से लियो बाइपास सड़क का नहीं हो पाया निर्माण
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ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग पर उठाए सवाल, दीपक परियोजना को कार्य देने की उठी मांग

उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री को भेजा ज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के हजारों लोगों सहित देश सीमा पर तैनात जवानों को लाभान्वित करने के लिए 17 वर्ष पूर्व सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया। हैरानी की बात हैं कि करीब 12 किलोमीटर सड़क निर्माण के एक चौथाई हिस्से का अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है। इस पर करीब पौने तीस करोड़ रुपये की राशि लोक निर्माण विभाग ने खर्च कर दी है। ग्रामीणों ने उपायुक्त किन्नौर के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री को ज्ञापन भेजकर सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग से न करवाकर दीपक परियोजना को देने की मांग की है। अंतर जिला महापंचायत उपतहसील हंगरंग जिला किन्नौर, उपमंडल काजा लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष संजय कुमार नेगी की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा से मिला। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राजस्व, बागवानी और जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिये उन्होंने लियो बाइपास सड़क निर्माण को लोक निर्माण विभाग से स्थानांतरित कर केंद्रीय सरकार की दीपक परियोजना ग्रेफ को देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग 17 सालों से लियो बाइपास सड़क के निर्माण में जुटा है। 11 से 12 किलोमीटर सड़क का कार्य कछुआ गति से चल रहा है और अब तक एक चौथाई कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। विभाग ने अब तक 29 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि खर्च कर दी है। कार्य में हो रही देरी के चलते ग्रामीणों का लोक निर्माण विभाग से भरोसा ही उठ गया है। उन्होंने कहा कि लियो बाइपास सड़क सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। इस सड़क का निर्माण होने से 25 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी, जिससे भारतीय सेना और स्थानीय जनता के धन और समय की बचत होगी। लियो बाइपास बनने से 12 माह सड़क खुली रह सकती है। हंगरंग से लेकर ग्राम पंचायत किब्बर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती हैं और भारतीय सेना और अर्द्ध सैनिक बल समदु कोरिक स्पीति में सीमा पर तैनात है। सेना के लिए रसद, असला और खाद्य सामग्री इसी नेशनल हाईवे पांच से आपूर्ति होती हैं, लेकिन नाको, मलिंग गांव के पास मालिंग नाला बार बार अवरुद्ध हो जाता है। इस कारण यातायात व्यवस्था ठप पड़ जाती है। उन्होंने हजारों ग्रामीणों और सीमा पर तैनात जवानों की सुविधा को देखते हुए जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। इस मौके पर लियो पंचायत प्रधान नामग्याल कुमार नेगी, हांगों पंचायत प्रधान सरोज नेगी, चुलिंग पंचायत प्रधान डोलमा, उप प्रधान गुरुदत्त, प्रधान सुमरा, प्रधान ग्राम पंचायत चांगो सहित अन्य मौजूद रहे।
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