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Rampur Bushahar News: चौधरी अड्डे पर वामपंथी दलों ने किया संयुक्त विरोध प्रदर्शन
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मतदाता अधिकार बहाल करने सहित अन्य मांगों को लेकर रामपुर में प्रदर्शन करते माकपा के कार्यकर्ता।
एसआईआर रोकने और मतदाता अधिकार बहाल करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
सीपीएम लोकल कमेटी रामपुर की ओर से वामपंथी दलों के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को रामपुर के चौधरी अड्डे में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को रोकने, मतदाता सूची से बाहर किए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीएम राज्य सचिवालय सदस्य राकेश सिंघा, लोकल कमेटी सचिव कुलदीप, पूर्ण ठाकुर, रंजीत, प्रेम, देविंद्र और राहुल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि उनके अनुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से गरीब, हाशिए पर रहने वाले और प्रवासी श्रमिकों के मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण और क्षेत्रीय अधिकारियों की पहुंच से जुड़े निर्णयों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। सीपीएम ने अपनी मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, एसआईआर प्रक्रिया तत्काल रोकने और गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए पात्र लोगों के नाम बहाल करने की मांग रखी। इसके अलावा चुनाव आयोग के स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक कामकाज को सुनिश्चित करने, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी उठाई गई। सीपीएम नेताओं ने बताया कि वामपंथी दलों की ओर से 28 सितंबर से 2 अक्तूबर तक देशभर में विरोध सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान लोकतांत्रिक और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
सीपीएम लोकल कमेटी रामपुर की ओर से वामपंथी दलों के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को रामपुर के चौधरी अड्डे में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को रोकने, मतदाता सूची से बाहर किए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीएम राज्य सचिवालय सदस्य राकेश सिंघा, लोकल कमेटी सचिव कुलदीप, पूर्ण ठाकुर, रंजीत, प्रेम, देविंद्र और राहुल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि उनके अनुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से गरीब, हाशिए पर रहने वाले और प्रवासी श्रमिकों के मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण और क्षेत्रीय अधिकारियों की पहुंच से जुड़े निर्णयों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। सीपीएम ने अपनी मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, एसआईआर प्रक्रिया तत्काल रोकने और गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए पात्र लोगों के नाम बहाल करने की मांग रखी। इसके अलावा चुनाव आयोग के स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक कामकाज को सुनिश्चित करने, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी उठाई गई। सीपीएम नेताओं ने बताया कि वामपंथी दलों की ओर से 28 सितंबर से 2 अक्तूबर तक देशभर में विरोध सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान लोकतांत्रिक और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।