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पाटबंगला मैदान में सजा लवी मेला, एक दर्जन के करीब व्यापारी पहुंचे
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लवी मेले में केवल किन्नौर जिले से व्यापार को पहुंचे व्यापारी।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। कोरोना महामारी के बीच इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का स्वरूप ही बदल गया है। इस बार लवी मेला कोरोना महामारी के कारण सूक्ष्म स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। बुधवार से रामपुर के पाटबंगला मैदान में लवी मेला तो सजा, लेकिन मेले में व्यापार के लिए केवल एक दर्जन के करीब ही व्यापारी पहुंचे। संक्रमण के खौफ के चलते क्षेत्र के लोग भी यहां गिनती के ही पहुंच रहे हैं।
गौरतलब है कि इस वर्ष लवी मेले को सूक्ष्म स्तर पर आयोजित करने का फैसला लिया गया है। बुधवार से शुरू हुआ मेला 14 नवंबर तक चलेगा। इस बार न ओपनिंग और न ही मेले के समापन अवसर पर कोई कार्यक्रम होगा। प्रशासन ने मेले में केवल स्थानीय और लोकल उत्पादों को ही बेचने की मंजूरी दी है। बुधवार को पाटबंगला मैदान के एक कोने में ही दुकानें सजीं। मेले में सबसे अधिक व्यापारी किन्नौर जिले से पहुंचे हैं, जबकि शिमला, मंडी और कुल्लू जिले से नाममात्र की संख्या में ही कारोबारी पहुंचे हैं। किन्नौर के व्यापारी ड्राई फ्रूट, सेब, ऊनी वस्त्र, शॉल और अन्य परंपरागत सामान के साथ मेले में पहुंचे हैं। जबकि, हस्तनिर्मित जूतों की भी मेले में एक दुकान सजी है। मेले में फैक्ट्री में बने सामान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि मेला मैदान में होटल और खाद्य वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है। कोरोना संक्रमण के डर से व्यापारी भी इस मेले में आने से कतरा रहे हैं। प्रशासन ने अगले चार दिन तक दुकानें सजाने के व्यापारियों को निर्देश दिए हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा ने क्षेत्र के लोगों को लवी मेले की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए सूक्ष्म स्तर पर मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले में आए व्यापारियों को केवल 14 नवंबर तक ही दुकानें सजाने की अनुमति रहेगी। उन्होंने मेले में आने वाले लोगों से मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के सभी इंतजाम करने की अपील की है।
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गौरतलब है कि इस वर्ष लवी मेले को सूक्ष्म स्तर पर आयोजित करने का फैसला लिया गया है। बुधवार से शुरू हुआ मेला 14 नवंबर तक चलेगा। इस बार न ओपनिंग और न ही मेले के समापन अवसर पर कोई कार्यक्रम होगा। प्रशासन ने मेले में केवल स्थानीय और लोकल उत्पादों को ही बेचने की मंजूरी दी है। बुधवार को पाटबंगला मैदान के एक कोने में ही दुकानें सजीं। मेले में सबसे अधिक व्यापारी किन्नौर जिले से पहुंचे हैं, जबकि शिमला, मंडी और कुल्लू जिले से नाममात्र की संख्या में ही कारोबारी पहुंचे हैं। किन्नौर के व्यापारी ड्राई फ्रूट, सेब, ऊनी वस्त्र, शॉल और अन्य परंपरागत सामान के साथ मेले में पहुंचे हैं। जबकि, हस्तनिर्मित जूतों की भी मेले में एक दुकान सजी है। मेले में फैक्ट्री में बने सामान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि मेला मैदान में होटल और खाद्य वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है। कोरोना संक्रमण के डर से व्यापारी भी इस मेले में आने से कतरा रहे हैं। प्रशासन ने अगले चार दिन तक दुकानें सजाने के व्यापारियों को निर्देश दिए हैं।
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नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा ने क्षेत्र के लोगों को लवी मेले की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए सूक्ष्म स्तर पर मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले में आए व्यापारियों को केवल 14 नवंबर तक ही दुकानें सजाने की अनुमति रहेगी। उन्होंने मेले में आने वाले लोगों से मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के सभी इंतजाम करने की अपील की है।
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