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Rampur Bushahar News: रामपुर के फांचा कंडा में भूस्खलन, 50 पेड़ गिरे
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कई साल हो रहा भूस्खलन, इस बार बड़ा हिस्सा आया चपेट में
वन विभाग से सुरक्षा उपाय करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। उपमंडल रामपुर की फांचा पंचायत में नंती और फांचा कंडे के बीच वन विभाग की भूमि पर भारी भूस्खलन से जंगल का बड़ा हिस्सा ढह गया। भूस्खलन की चपेट में आने से करीब 50 पेड़ गिर गए हैं। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
भूस्खलन की घटना करीब तीन दिन पहले हुई थी। इसके बाद भी पहाड़ से लगातार मिट्टी और पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की टीम के लिए मौके पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। लोगों के अनुसार इस स्थान पर कुछ वर्षों से बरसात में थोड़ा-थोड़ा भूस्खलन होता रहा है। इस बार भूस्खलन का दायरा बढ़ गया है और जंगल का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया।
फांचा पंचायत के उपप्रधान सुभाष नेगी ने बताया कि भूस्खलन से करीब 50 पेड़ गिर गए हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर कई वर्षों से भूस्खलन हो रहा है। वन विभाग को यहां भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा उपाय करने चाहिए, ताकि आने वाले समय में जंगल के इस हिस्से को और नुकसान न हो।
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वन विभाग सराहन के आरओ कुंदन नेगी ने बताया कि भूस्खलन के कारण 50 से अधिक पेड़ों के गिरने की आशंका है। लगातार भूस्खलन के कारण टीम मौके पर नहीं पहुंच पा रही है। इस वजह से गिरे पेड़ों की स्टिक गिनती नहीं हो सकी है। प्रभावित क्षेत्र में भूस्खलन रुकने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा। भविष्य में भूस्खलन रोकने के लिए भी योजना तैयार की जाएगी।
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वन विभाग से सुरक्षा उपाय करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। उपमंडल रामपुर की फांचा पंचायत में नंती और फांचा कंडे के बीच वन विभाग की भूमि पर भारी भूस्खलन से जंगल का बड़ा हिस्सा ढह गया। भूस्खलन की चपेट में आने से करीब 50 पेड़ गिर गए हैं। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
भूस्खलन की घटना करीब तीन दिन पहले हुई थी। इसके बाद भी पहाड़ से लगातार मिट्टी और पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की टीम के लिए मौके पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। लोगों के अनुसार इस स्थान पर कुछ वर्षों से बरसात में थोड़ा-थोड़ा भूस्खलन होता रहा है। इस बार भूस्खलन का दायरा बढ़ गया है और जंगल का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया।
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फांचा पंचायत के उपप्रधान सुभाष नेगी ने बताया कि भूस्खलन से करीब 50 पेड़ गिर गए हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर कई वर्षों से भूस्खलन हो रहा है। वन विभाग को यहां भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा उपाय करने चाहिए, ताकि आने वाले समय में जंगल के इस हिस्से को और नुकसान न हो।
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वन विभाग सराहन के आरओ कुंदन नेगी ने बताया कि भूस्खलन के कारण 50 से अधिक पेड़ों के गिरने की आशंका है। लगातार भूस्खलन के कारण टीम मौके पर नहीं पहुंच पा रही है। इस वजह से गिरे पेड़ों की स्टिक गिनती नहीं हो सकी है। प्रभावित क्षेत्र में भूस्खलन रुकने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा। भविष्य में भूस्खलन रोकने के लिए भी योजना तैयार की जाएगी।