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जिस दर से हो रही खरीद, उसी दर से दुग्ध उत्पादकों को हो भुगतान : यूनियन
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रामपुर में मनरेगा मजदूरों और पशु पालकों की समस्याओं को लेकर एसडीएम निशांत तोमर को सौंपा ज्ञापन।
मनरेगा मजदूरों को 200 दिन का रोजगार हो सुनिश्चित, रामपुर में इंटक के बैनर तले मजदूर और दुग्ध उत्पादकों ने निकाली रैली
एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री को भेजे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। भारतीय ट्रेड यूनियन से संबंधित मनरेगा मजदूर यूनियन और बुशहर दुग्ध उत्पादक यूनियन ने वीरवार को रामपुर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और रोष रैली निकाली। मजदूरों और पशु पालकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री और पशु पालन मंत्री को एसडीएम रामपुर निशांत तोमर के माध्यम से ज्ञापन भी भेजे गए। बुशहर दुग्ध उत्पादकों और मनरेगा मजदूरों ने पदम महल परिसर से एसडीएम कार्यालय तक रोष रैली निकाली। यूनियनों ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार विभिन्न मांगों को समय रहने पूरा कर मजदूरों और पशु पालकों को राहत देने की मांग की।
दुग्ध उत्पादक यूनियन ने कहा कि जिस दर से प्रति लीटर खरीद की जा रही है, दुग्ध उत्पादकों को उस दर से कम प्रति लीटर के हिसाब से सहकारी सभाएं भुगतान कर रही हैं, जो तर्क संगत नहीं है। इससे दुग्ध उत्पादकों को प्रतिदिन आर्थिक हानि हो रही है। वहीं, दुग्ध उत्पादक से सहकारी सभाओं की ओर से दूध खरीद का भुगतान 15 से 20 तारीख तक किया जाता है, जो अनुचित है। पशु चिकित्सकों की सेवाएं न मिलने के कारण अकसर दुधारु, गर्भवती और सामान्य गायों, भैंसों का समय पर उपचार नहीं हो रहा है। पशुपालन विभाग की ओर से गाय और भैंसों के लिए प्रमाणित संतुलित आहार सूची क्षेत्र में जारी नहीं की गई है।
यूनियन ने हिमाचल प्रदेश हिमफेड जिस दर से दूघ प्रति लीटर दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं से खरीद रही है। इसी दर से दुग्ध उत्पादकों को सहकारी सभाएं भुगतान करने, दुग्ध उत्पादकों को दूध का भुगतान माह की सात तारीख को करने, रामपुर तहसील में दूध संग्रह केंद्र खोलने, प्रमाणित दूध मापक यंत्र दूध संग्रह केंद्र में उपलब्ध करवाने और गाय व भैंसों के लिए प्रमाणित संतुलित आहार सूची दूध संग्रह केंद्र में उपलब्ध करवाने की मांग की।
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मररेगा मजदूरों को 200 दिन रोजगार की मांग
मनरेगा मजदूर यूनियन ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत मनरेगा मजदूरों को मिलने वाले लाभ पर लगाए गए प्रतिबंध बहाल करने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया। यूनियन ने कहा कि प्रतिबंध बहाली के बावजूद लाभार्थियों को आवेदन देने के बाद भी लाभांश के भुगतान नहीं किए जा रहे हैं। साथ ही भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से भवन एवं अन्य निर्माण कार्य और मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। उन्होंने लाभार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार के लाभांश दावों की राशि का अविलंब भुगतान करने की मांग की है। मनरेगा मजदूरों को 200 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग की है। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित अकुशल वर्ग के न्यूनतम के बराबर देने और हिमाचल प्रदेश भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में कार्यरत मजदूरों व मनरेगा मजदूरों का समय रहते पंजीकरण करने की मांग उठाई है। इस मौके पर इंटक राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, मनरेगा मजदूर यूनियन अध्यक्ष हितेश हष्टा, ओम प्रकाश, अनिल, पदमा कांग सहित अन्य मौजूद रहे।
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एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री को भेजे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। भारतीय ट्रेड यूनियन से संबंधित मनरेगा मजदूर यूनियन और बुशहर दुग्ध उत्पादक यूनियन ने वीरवार को रामपुर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और रोष रैली निकाली। मजदूरों और पशु पालकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री और पशु पालन मंत्री को एसडीएम रामपुर निशांत तोमर के माध्यम से ज्ञापन भी भेजे गए। बुशहर दुग्ध उत्पादकों और मनरेगा मजदूरों ने पदम महल परिसर से एसडीएम कार्यालय तक रोष रैली निकाली। यूनियनों ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार विभिन्न मांगों को समय रहने पूरा कर मजदूरों और पशु पालकों को राहत देने की मांग की।
दुग्ध उत्पादक यूनियन ने कहा कि जिस दर से प्रति लीटर खरीद की जा रही है, दुग्ध उत्पादकों को उस दर से कम प्रति लीटर के हिसाब से सहकारी सभाएं भुगतान कर रही हैं, जो तर्क संगत नहीं है। इससे दुग्ध उत्पादकों को प्रतिदिन आर्थिक हानि हो रही है। वहीं, दुग्ध उत्पादक से सहकारी सभाओं की ओर से दूध खरीद का भुगतान 15 से 20 तारीख तक किया जाता है, जो अनुचित है। पशु चिकित्सकों की सेवाएं न मिलने के कारण अकसर दुधारु, गर्भवती और सामान्य गायों, भैंसों का समय पर उपचार नहीं हो रहा है। पशुपालन विभाग की ओर से गाय और भैंसों के लिए प्रमाणित संतुलित आहार सूची क्षेत्र में जारी नहीं की गई है।
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यूनियन ने हिमाचल प्रदेश हिमफेड जिस दर से दूघ प्रति लीटर दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं से खरीद रही है। इसी दर से दुग्ध उत्पादकों को सहकारी सभाएं भुगतान करने, दुग्ध उत्पादकों को दूध का भुगतान माह की सात तारीख को करने, रामपुर तहसील में दूध संग्रह केंद्र खोलने, प्रमाणित दूध मापक यंत्र दूध संग्रह केंद्र में उपलब्ध करवाने और गाय व भैंसों के लिए प्रमाणित संतुलित आहार सूची दूध संग्रह केंद्र में उपलब्ध करवाने की मांग की।
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मररेगा मजदूरों को 200 दिन रोजगार की मांग
मनरेगा मजदूर यूनियन ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत मनरेगा मजदूरों को मिलने वाले लाभ पर लगाए गए प्रतिबंध बहाल करने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया। यूनियन ने कहा कि प्रतिबंध बहाली के बावजूद लाभार्थियों को आवेदन देने के बाद भी लाभांश के भुगतान नहीं किए जा रहे हैं। साथ ही भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से भवन एवं अन्य निर्माण कार्य और मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। उन्होंने लाभार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार के लाभांश दावों की राशि का अविलंब भुगतान करने की मांग की है। मनरेगा मजदूरों को 200 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग की है। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित अकुशल वर्ग के न्यूनतम के बराबर देने और हिमाचल प्रदेश भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में कार्यरत मजदूरों व मनरेगा मजदूरों का समय रहते पंजीकरण करने की मांग उठाई है। इस मौके पर इंटक राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, मनरेगा मजदूर यूनियन अध्यक्ष हितेश हष्टा, ओम प्रकाश, अनिल, पदमा कांग सहित अन्य मौजूद रहे।

रामपुर में मनरेगा मजदूरों और पशु पालकों की समस्याओं को लेकर एसडीएम निशांत तोमर को सौंपा ज्ञापन।