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Rampur Bushahar News: केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ किसान सभा 13 अक्तूबर को करेगी प्रदर्शन
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निरमंड में किसान सभा की बैठक में मौजूद पदाधिकारी और सदस्य। स्रोत : सभा
किसान सभा का राज्य सम्मेलन 13 और 14 को
प्रदर्शन को लेकर ग्रामीण स्तर पर बैठकें कर रही सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
हिमाचल किसान सभा की बैठक शुक्रवार को किसान मजदूर भवन निरमंड में हुई। बैठक में 13 और 14 अक्तूबर को रामपुर में होने वाले किसान सभा के राज्य सम्मेलन के सफल आयोजन के बारे में चर्चा की गई। बैठक में केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों को लेकर 13 अक्तूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयार की गई।बैठक में किसान सभा राज्य सचिव देवकी नंद, निरमंड ब्लॉक अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर, सचिव जगदीश ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण आज किसानी घाटे का सौदा बन रही है। कृषि में ज्यादा लागत के कारण उत्पादन महंगा हो रहा है लेकिन किसान की आय लगातार घटती जा रही है। इस कारण आज किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र की सरकार अमेरिका, न्यूजीलैंड के साथ व्यापारिक समझौते कर कृषि के क्षेत्र को बर्बाद करने का काम कर रही है। वहीं खाद्य वस्तुओं चीनी, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर आम जनता के ऊपर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे आम जनता को अपना जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जो मनरेगा रोजगार का साधन था उसका नाम बदलकर वीबी-जी-रामजी किया गया है। इससे लोगों को गांव में रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार की तरह ही प्रदेश में उन नीतियों को लागू कर रही है। इस कारण आज दूध उत्पादकों को समय पर पेमेंट नहीं मिल पा रही है। दो-दो महीने के बाद पेमेंट का भुगतान किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली को निजी हाथों में देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी परियोजना प्रभावित किसान एक प्रतिशत रॉयल्टी, धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा, दरारों, एकमुश्त राशि और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 13 अक्तूबर को रामपुर में इन नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें निरमंड ब्लॉक से 300 से ज्यादा किसान और मजदूर शामिल होंगे, जिसकी तैयारियों को लेकर गांव स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस मौके पर दुर्गा नंद, भोगा राम, ख्याला नंद, गुल पाल, चूड़ा राम, ऊषा देवी, सुषमा देवी, पूर्वा, फूला देवी, बृज लाल, रंजना, रमेश, परमिंदर, श्याम लाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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प्रदर्शन को लेकर ग्रामीण स्तर पर बैठकें कर रही सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
हिमाचल किसान सभा की बैठक शुक्रवार को किसान मजदूर भवन निरमंड में हुई। बैठक में 13 और 14 अक्तूबर को रामपुर में होने वाले किसान सभा के राज्य सम्मेलन के सफल आयोजन के बारे में चर्चा की गई। बैठक में केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों को लेकर 13 अक्तूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयार की गई।बैठक में किसान सभा राज्य सचिव देवकी नंद, निरमंड ब्लॉक अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर, सचिव जगदीश ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण आज किसानी घाटे का सौदा बन रही है। कृषि में ज्यादा लागत के कारण उत्पादन महंगा हो रहा है लेकिन किसान की आय लगातार घटती जा रही है। इस कारण आज किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र की सरकार अमेरिका, न्यूजीलैंड के साथ व्यापारिक समझौते कर कृषि के क्षेत्र को बर्बाद करने का काम कर रही है। वहीं खाद्य वस्तुओं चीनी, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर आम जनता के ऊपर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे आम जनता को अपना जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जो मनरेगा रोजगार का साधन था उसका नाम बदलकर वीबी-जी-रामजी किया गया है। इससे लोगों को गांव में रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार की तरह ही प्रदेश में उन नीतियों को लागू कर रही है। इस कारण आज दूध उत्पादकों को समय पर पेमेंट नहीं मिल पा रही है। दो-दो महीने के बाद पेमेंट का भुगतान किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली को निजी हाथों में देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी परियोजना प्रभावित किसान एक प्रतिशत रॉयल्टी, धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा, दरारों, एकमुश्त राशि और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 13 अक्तूबर को रामपुर में इन नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें निरमंड ब्लॉक से 300 से ज्यादा किसान और मजदूर शामिल होंगे, जिसकी तैयारियों को लेकर गांव स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस मौके पर दुर्गा नंद, भोगा राम, ख्याला नंद, गुल पाल, चूड़ा राम, ऊषा देवी, सुषमा देवी, पूर्वा, फूला देवी, बृज लाल, रंजना, रमेश, परमिंदर, श्याम लाल सहित अन्य मौजूद रहे।