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उत्पादकों को 40 रुपये प्रति लीटर मिलें दूध के दाम : सभा
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चाटी में किसान सभा की बैठक में मौजूद दूध उत्पादक।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। हिमाचल किसान सभा ने प्रदेश सरकार से दूध का समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति लीटर करने की मांग उठाई है। दूध उत्पादकों की मांगों को लेकर किसान सभा ने अगले महीने प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। किसान सभा के आह्वान पर दूध उत्पादकों की बैठक किसान मजदूर भवन चाटी में हुई। इसमें निरमंड, रामपुर, ननखड़ी, आनी, नारकंडा और करसोग ब्लॉक से आए दूध उत्पादकों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा राज्य महासचिव डॉ. ओंकार शाद ने दूध उत्पादकों को आ रही परेशानियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में दूध उत्पादकों को दूध का सही दाम नहीं मिल रहा है। इस कारण दूध पैदा करने वालों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के कारण यह सब हो रहा है। प्रदेश सरकार दूध पैदा करने वालों के लिए अब तक कोई ठोस नीति नहीं बना पाई है।
इस कारण तो दूध के रेट कम मिल रहे हैं और वहीं दूसरी तरफ पेमेंट भी समय पर नहीं मिल रही है। इससे कि उत्पादकों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इसके लिए पर्याप्त बजट न होने के कारण भी यह समस्या आ रही है। सरकार को आने वाले बजट सत्र में बजट को बढ़ाने की जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ पशु औषधालय में न डॉक्टर हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ है। ऐसे में पशु पालकों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद ने कहा कि दूध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर 31 जनवरी को प्रदेश सरकार को मांग पत्र दिया जाएगा। 23 और 24 फरवरी को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 7 मार्च से दत्तनगर में मिल्क फेडरेशन का घेराव ‘डेरा डालो, घेरा डालो’ के तहत क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक और गांव स्तर पर बैठकें कर दूध उत्पादकों को संगठित किया जाएगा।
किसान सभा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि दूध का लाभकारी दाम 40 रुपये प्रति लीटर किया जाए। पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले मिले। पशु आहार पर सब्सिडी दी जाए, सभी सोसाइटी में दूध की गुणवत्ता को जांचने के लिए टेस्टिंग मशीन दी जाए, पशु औषधालय में खाली पद भरे जाएं और मिल्क फेडरेशन के लिए बजट में वृद्धि की जाए।
इस मौके पर दिनेश मेहता, गोपाल, दुर्गा नंद, अशोक, सुभाष, जीवन, गीताराम, हरविंदर, मिलाप, हेमराज, टीकम, रमेश कुमार, काकू कश्यप, राजीव, ताराचंद, पूर्ण ठाकुर, बेगूराम, हितेश हष्टा और प्रेम चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा राज्य महासचिव डॉ. ओंकार शाद ने दूध उत्पादकों को आ रही परेशानियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में दूध उत्पादकों को दूध का सही दाम नहीं मिल रहा है। इस कारण दूध पैदा करने वालों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के कारण यह सब हो रहा है। प्रदेश सरकार दूध पैदा करने वालों के लिए अब तक कोई ठोस नीति नहीं बना पाई है।
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इस कारण तो दूध के रेट कम मिल रहे हैं और वहीं दूसरी तरफ पेमेंट भी समय पर नहीं मिल रही है। इससे कि उत्पादकों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इसके लिए पर्याप्त बजट न होने के कारण भी यह समस्या आ रही है। सरकार को आने वाले बजट सत्र में बजट को बढ़ाने की जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ पशु औषधालय में न डॉक्टर हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ है। ऐसे में पशु पालकों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद ने कहा कि दूध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर 31 जनवरी को प्रदेश सरकार को मांग पत्र दिया जाएगा। 23 और 24 फरवरी को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 7 मार्च से दत्तनगर में मिल्क फेडरेशन का घेराव ‘डेरा डालो, घेरा डालो’ के तहत क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक और गांव स्तर पर बैठकें कर दूध उत्पादकों को संगठित किया जाएगा।
किसान सभा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि दूध का लाभकारी दाम 40 रुपये प्रति लीटर किया जाए। पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले मिले। पशु आहार पर सब्सिडी दी जाए, सभी सोसाइटी में दूध की गुणवत्ता को जांचने के लिए टेस्टिंग मशीन दी जाए, पशु औषधालय में खाली पद भरे जाएं और मिल्क फेडरेशन के लिए बजट में वृद्धि की जाए।
इस मौके पर दिनेश मेहता, गोपाल, दुर्गा नंद, अशोक, सुभाष, जीवन, गीताराम, हरविंदर, मिलाप, हेमराज, टीकम, रमेश कुमार, काकू कश्यप, राजीव, ताराचंद, पूर्ण ठाकुर, बेगूराम, हितेश हष्टा और प्रेम चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।