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Rampur Bushahar News: एक वर्ष में 55 स्थानों पर हांफ चुकी एचआरटीसी

Tue, 19 Nov 2024 11:16 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2024 11:16 PM IST
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नई बसों की जांच को रामपुर और शिमला से मंगाया जा रहा जांच करने वाला लैपटॉप
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रिकांगपिओ डिपो में 101 बसें, सात बसों की बुक वैल्यू समाप्त, फिर भी ग्रामीण रूटाें पर दौड़ाया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले में परिवहन निगम की बसों के बीच रास्ते में खराब होने से यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। एक वर्ष में जिले के विभिन्न रूटों पर 55 बार एचआरटीसी की बसें हांफ चुकी हैं। रिकांगपिओ डिपो को अस्तित्व में आए हुए तीन दशक से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन डिपो की कार्यशाला में कर्मचारियों की खासी कमी चल रही है। वहीं, नई बसाें की जांच के लिए यहां पुख्ता इंतजाम नहीं है। बसों में खराबी आने पर इनकी जांच करने वाला लैपटॉप रामपुर और शिमला से मंगवाया जा रहा है।
निगम के रिकांगपिओ बस डिपो में वर्तमान में 101 बसें हैं। इनमें सात बसों की बुक वैल्यू समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद इन बसों को ग्रामीण रूटाें पर दौड़ाया जा रहा है। बीते वर्ष अक्टूबर 2023 से 31 अक्तूबर, 2024 तक जिले के विभिन्न रूटों पर 55 बार निगम की बसें बीच रास्ते में खराब हो चुकी हैं। सड़कों में दौड़ते वक्त बसों में खराबी होने का मुख्य कारण वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी और किन्नौर की सड़कों का निर्माण उचित पैमाने पर नहीं होना है।
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इस वजह से खराब हो रहीं बसें
भौगोलिक परिस्थिति, अति दुर्गम श्रेणी में सड़कों में गड्ढे, ऊबड़-खाबड़ सड़कें, ग्रामीणों क्षेत्रों में कच्ची सड़कों के कारण बसों का संतुलन सड़कों के विपरीत चलने से और रखरखाव सही तरीके से न होने से बसें खराब हो रही है। इस कारण क्लच किट का खराब होना, प्रेशर पाइप का फट जाना, बैटरी डाउन होना, किट लिंक टूट जाना, क्लच टूटना, टायरों का पंचर होना, बसों में बिजली सप्लाई अवरुद्ध होना आम बात हो गई है।
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35 साल पुराना है रिकांगपिओ डिपो
रिकांगपिओ डिपो में अब नई बसें बीएस 4, बीएस 6 मॉडल की हैं, इसलिए मेकेनिकल खराबी का सिर्फ लैपटॉप मशीन के माध्यम से पता लगाया जा सकता है। रिकांगपिओ डिपो की कार्यशाला 35 साल पुरानी होने के बावजूद यहां नई बसों को जांचने के लिए लैपटॉप मशीन नहीं है। न ही निगम प्रबंधन और सरकार यह मशीन उपलब्ध करवा पाई है। बसों के खराब होने पर जांच के लिए लैपटॉप रामपुर और शिमला से मंगवाए जा रहे हैं।
रोजाना हजारों यात्री करते हैं सफर
वर्तमान समय में निगम की बसें 60 लांग और स्थानीय रूटों पर दौड़ती हैं। रोजाना हजारों यात्री इन बसों में सफर करते हैं। सुविधाओं के अभाव में आज भी रिकांगपिओ डिपो के चालक परिचालक और हजारों यात्री दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं।


रिकांगपिओ डिपो में बस खराब होने पर लैपटॉप रामपुर और शिमला डिपो से मंगवाया जा रहा है। डिपो में 101 बसें मौजूद हैं, जिनमें से सात बसाें की बुक वैल्यू समाप्त हो चुकी हैं। रिकांगपिओ डिपो की 60 बसें रूटों पर और 86 बसें हर रोज दौड़ती हैं। - सुमन नेगी, अड्डा प्रभारी, परिवहन निगम रामपुर डिपो
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