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Rampur Bushahar News: सराहन और घराट में एचपीएमसी के डिपो बंद, बागवानों को नहीं मिल रही खाद
Mon, 27 Feb 2023 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
Updated Mon, 27 Feb 2023 10:49 PM IST
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रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के अंतर्गत सराहन और घराट क्षेत्र में एचपीएमसी के खाद डिपो बंद हो गए हैं। हजारों बागवानों को विभिन्न प्रकार की खाद लेने के लिए अब मजबूरी में 40 किलोमीटर दूर रामपुर में आना पड़ रहा है। लंबे समय से एचपीएमसी डिपो में खाद न मिलने से बागवानों को खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। वहीं, रामपुर एचपीएससी डिपो में भी कैलशियम और नाइट्रोजन की खाद नहीं मिल पा रही है।
गौरतलब है कि सराहन, किन्नू बठारा, शाहधार ज्यूरी, बधाल, पंद्रहबीश क्षेत्र के बागवानों को रामपुर आने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। इससे बागवानों का अतिरिक्त समय लगने के साथ ही पैसा भी ज्यादा खर्च हो रहा है। क्षेत्र के बागवानों ने मांग की है कि सराहन और घराट में एचपीएमसी के खाद डिपो को दोबारा शुरू किया जाए, ताकि बागवानों को आर्थिक नुकसान न हो।
एचपीएमसी बागवानों से सेब की खरीददारी करने के बाद बागवानों को सस्ते दरों पर बागवानी एवं कृषि में उपयोग होने वाले उपकरणों अलावा खाद, स्प्रै ऑयल, कैची, आरी, मशीन, दवाइयां उपलब्ध करवाती है, लेकिन एचपीएमसी डिपो में स्टॉफ की कमी होने पर सुचारू से चलाने के लिए काफी दिक्कतें आ रही थी। इस कारण सराहन और घराट में स्थित डिपो को बंद कर दिया है।
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क्षेत्र के बागवानों में जय सिंह, नोगल, कृष्ण और राकेश ने प्रदेश सरकार और बागवानी मंत्री से मांग की है कि बागवानों को समय पर खाद उपलब्ध करवाएं। उन्होंने मांग की है कि सराहन और घराट में बंद डिपो को जल्द से बहाल कर दिया जाए, ताकि बागवानों को परेशानी न हो।
उधर, एचपीएमसी के प्रभारी रामपुर राजेश कुमार ने बताया कि कैलशियम, नाइट्रोजन की खाद खत्म हो गई है। शीघ्र ही खाद की व्यवस्था की जाएगी। सराहन और घराट में मौजूद डिपो को भी शीघ्र शुरू किया जाएगा।
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गौरतलब है कि सराहन, किन्नू बठारा, शाहधार ज्यूरी, बधाल, पंद्रहबीश क्षेत्र के बागवानों को रामपुर आने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। इससे बागवानों का अतिरिक्त समय लगने के साथ ही पैसा भी ज्यादा खर्च हो रहा है। क्षेत्र के बागवानों ने मांग की है कि सराहन और घराट में एचपीएमसी के खाद डिपो को दोबारा शुरू किया जाए, ताकि बागवानों को आर्थिक नुकसान न हो।
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एचपीएमसी बागवानों से सेब की खरीददारी करने के बाद बागवानों को सस्ते दरों पर बागवानी एवं कृषि में उपयोग होने वाले उपकरणों अलावा खाद, स्प्रै ऑयल, कैची, आरी, मशीन, दवाइयां उपलब्ध करवाती है, लेकिन एचपीएमसी डिपो में स्टॉफ की कमी होने पर सुचारू से चलाने के लिए काफी दिक्कतें आ रही थी। इस कारण सराहन और घराट में स्थित डिपो को बंद कर दिया है।
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क्षेत्र के बागवानों में जय सिंह, नोगल, कृष्ण और राकेश ने प्रदेश सरकार और बागवानी मंत्री से मांग की है कि बागवानों को समय पर खाद उपलब्ध करवाएं। उन्होंने मांग की है कि सराहन और घराट में बंद डिपो को जल्द से बहाल कर दिया जाए, ताकि बागवानों को परेशानी न हो।
उधर, एचपीएमसी के प्रभारी रामपुर राजेश कुमार ने बताया कि कैलशियम, नाइट्रोजन की खाद खत्म हो गई है। शीघ्र ही खाद की व्यवस्था की जाएगी। सराहन और घराट में मौजूद डिपो को भी शीघ्र शुरू किया जाएगा।