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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Government dedicated to overall development of tribal areas: Jagat

सरकार जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के प्रति समर्पित : जगत

Tue, 20 Aug 2024 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर Updated Tue, 20 Aug 2024 11:49 PM IST
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राजस्व मंत्री ने वन अधिकार अधिनियम-2006 की कार्यशाला में लोगों को बताए अधिकार
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संवाद न्यूज एजेंसी

रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर मुख्यालय रिकांगपिओ में वन अधिकार अधिनियम-2006 को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। इसमें राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।

राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों में भूमिहीन एवं उपेक्षित वर्गों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जनजातीय जिलों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में वर्तमान राज्य सरकार प्रयास कर रही है। कहा कि वन अधिकार अधिनियम-2006 पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की देन है। प्रदेश में नौतोड़ अधिनियम-1968 प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. यंशवंत सिंह परमार की देन है।
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कार्यशाला में किन्नौर जिले के पंचायत जनप्रतिनिधि, राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, जनजातीय सलाहकार समिति के सदस्यों ने भाग लिया और राजस्व मंत्री के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। वन अधिकार अधिनियम-2006 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। कैबिनेट मंत्री ने इस कार्यशाला में अधिनियम के संदर्भ में संशय दूर किए, ताकि जनजातीय लोगों को लाभ मिल सके।
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बागवानी मंत्री ने बताया की वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत प्राप्त मामलों को अगले स्तर तक ले जाने के लिए पंचायतों में आयोजित होने वाली वन अधिकार अधिनियम-2006 ग्राम सभाओं में 50 प्रतिशत की हाजिरी जरूरी है, जिसमें 10 प्रतिशत महिलाओं का होना अनिवार्य है। सभी पंचायतों में बनी वन अधिकार अधिनियम-2006 की कमेटी और खंड स्तर की कमेटी, जिला स्तर की कमेटीयों से आग्रह किया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 के बारे में आम जनमानस को जागरूक करें, ताकि लोगों को इस अधिनियम के बारे में जानकारी हो, सभी को इसका लाभ मिल सके।

इससे पूर्व उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। जिला प्रशासन द्वारा वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।


इस मौके पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह विनय मोदी, वनमंडलाधिकारी अरविंद कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस, जिला परिषद उपाध्यक्षा प्रिया नेगी, पंचायत समिति कल्पा की अध्यक्षा ललिता पंचारस, जिला परिषद सदस्य हितेश नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।
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