{"_id":"6825c41b5d109efefb00f58b","slug":"go-to-primary-health-center-there-is-no-doctor-for-four-years-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-134988-2025-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: जाओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार साल से नहीं डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: जाओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार साल से नहीं डॉक्टर
विज्ञापन
जाओं स्वास्थ्य केंद्र भवन। संवाद
25 गांवों की 5,000 आबादी को उपचार के लिए झेलनी पड़ती है दिक्कत
मिडवाइफ का पद भी 2019 से है रिक्त, प्रसव के दौरान होत है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी निरमंड
निरमंड (कुल्लू)। उपमंडल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाओ चार साल से चिकित्सक नहीं है। सितंबर 2021 से अब तक यहां कोई भी चिकित्सक नियुक्त नहीं किया गया है। मिडवाइफ का पद भी वर्ष 2019 से रिक्त पड़ा है। इस कारण क्षेत्र की करीब 5,000 की आबादी को उपचार के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह स्वास्थ्य केंद्र ग्राम पंचायत जुआगी और चायल सहित लगभग 25 गांवों के लोगों के लिए एकमात्र उपचार केंद्र है। प्रभावित गांवों में भगीर, जौवा ढमार, बड़ींगचा, सिंहगाड, बडारी, थाचडू, दोगरी, जाओं, जरोट, सागोफ़ा, ठारला, क्लोटी क्लोंट और दवाह आदि शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्सक न होने के कारण मामूली बीमारियों के उपचार के लिए भी दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहीं, मिडवाइफ न होने से प्रसव जैसी आपात स्थितियों में महिलाओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाओ में शीघ्र चिकित्सक और मिडवाइफ की नियुक्ति की मांग की है, ताकि उन्हें मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।
उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
कार्य वाहक बीएमओ संजय आनंद ने बताया कि खाली पद को लेकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है । उम्मीद है कि जल्द चिकित्सक का पद भरा जाएगा।
विज्ञापन
मिडवाइफ का पद भी 2019 से है रिक्त, प्रसव के दौरान होत है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी निरमंड
निरमंड (कुल्लू)। उपमंडल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाओ चार साल से चिकित्सक नहीं है। सितंबर 2021 से अब तक यहां कोई भी चिकित्सक नियुक्त नहीं किया गया है। मिडवाइफ का पद भी वर्ष 2019 से रिक्त पड़ा है। इस कारण क्षेत्र की करीब 5,000 की आबादी को उपचार के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह स्वास्थ्य केंद्र ग्राम पंचायत जुआगी और चायल सहित लगभग 25 गांवों के लोगों के लिए एकमात्र उपचार केंद्र है। प्रभावित गांवों में भगीर, जौवा ढमार, बड़ींगचा, सिंहगाड, बडारी, थाचडू, दोगरी, जाओं, जरोट, सागोफ़ा, ठारला, क्लोटी क्लोंट और दवाह आदि शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्सक न होने के कारण मामूली बीमारियों के उपचार के लिए भी दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहीं, मिडवाइफ न होने से प्रसव जैसी आपात स्थितियों में महिलाओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाओ में शीघ्र चिकित्सक और मिडवाइफ की नियुक्ति की मांग की है, ताकि उन्हें मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।
उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
कार्य वाहक बीएमओ संजय आनंद ने बताया कि खाली पद को लेकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है । उम्मीद है कि जल्द चिकित्सक का पद भरा जाएगा।