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बजट में पेंशनरों के साथ भेदभाव और फूट डालने का प्रयास : अमोलक
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रामपुर पेंशनर संघ के महासचिव अमोलक राम
सरकार पेंशनरों को कोर्ट-कचहरी और सड़कों पर उतरने के लिए कर रही मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर पेंशनर खंड महासंघ के महासचिव अमोलक राम ने कहा कि बजट में पेंशनरों को केवल निराशा ही हाथ लगी है। बजट में केवल 70 से 75 वर्ष की आयु के पेंशनरों को ही एरियर देने का प्रावधान किया गया है। 70 वर्ष से कम और 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को एरियर न देकर सरकार सीधे-सीधे तौर पर पेंशनरों के साथ भेदभाव कर रही है। साथ ही पेंशनरों को बांटकर अलग-थलग करने, कमजोर करने और फूट डालने का काम कर रही है। सरकार अपनी कुनीतियों से पेंशनरों को कोर्ट-कचहरी और सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही है। जहां सरकार ने पेंशनरों को 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता देना है, इसे भी घुमा-फिराकर तीन प्रतिशत देने की बात बजट में की गई है। यहां भी सरकार ने पेंशनरों का मुंह बंद करने के लिए ऊंट के मुंह में जीरा डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेंशनरों की मुख्य समस्या को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। वर्ष 2016 से वर्ष 2022 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों की एक बड़ी संख्या हिमाचल प्रदेश में है। सरकार ने इन पेंशनरों की मांगों की जरा भी परवाह नहीं की है। सरकार ने इन पेंशनरों को 5 लाख से 20 लाख रुपये के बीच की राशि एक पेंशनर को देनी है। सरकार सब कुछ जानते हुए भी पेंशनरों की इस मुख्य मांग को जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है। सरकार को उन पेंशनरों की जरा भी चिंता नहीं है, जो दिन-प्रतिदिन अपनी कमाई की राशि को न पाने के दुख के साथ स्वर्ग सिधार रहे हैं। बजट से पेंशनरों की बड़ी आशा में सरकार ने पानी फेर दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर पेंशनर खंड महासंघ के महासचिव अमोलक राम ने कहा कि बजट में पेंशनरों को केवल निराशा ही हाथ लगी है। बजट में केवल 70 से 75 वर्ष की आयु के पेंशनरों को ही एरियर देने का प्रावधान किया गया है। 70 वर्ष से कम और 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को एरियर न देकर सरकार सीधे-सीधे तौर पर पेंशनरों के साथ भेदभाव कर रही है। साथ ही पेंशनरों को बांटकर अलग-थलग करने, कमजोर करने और फूट डालने का काम कर रही है। सरकार अपनी कुनीतियों से पेंशनरों को कोर्ट-कचहरी और सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही है। जहां सरकार ने पेंशनरों को 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता देना है, इसे भी घुमा-फिराकर तीन प्रतिशत देने की बात बजट में की गई है। यहां भी सरकार ने पेंशनरों का मुंह बंद करने के लिए ऊंट के मुंह में जीरा डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेंशनरों की मुख्य समस्या को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। वर्ष 2016 से वर्ष 2022 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों की एक बड़ी संख्या हिमाचल प्रदेश में है। सरकार ने इन पेंशनरों की मांगों की जरा भी परवाह नहीं की है। सरकार ने इन पेंशनरों को 5 लाख से 20 लाख रुपये के बीच की राशि एक पेंशनर को देनी है। सरकार सब कुछ जानते हुए भी पेंशनरों की इस मुख्य मांग को जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है। सरकार को उन पेंशनरों की जरा भी चिंता नहीं है, जो दिन-प्रतिदिन अपनी कमाई की राशि को न पाने के दुख के साथ स्वर्ग सिधार रहे हैं। बजट से पेंशनरों की बड़ी आशा में सरकार ने पानी फेर दिया है।