{"_id":"5fe769328ebc3e3b8f7cb097","slug":"fire-rampur-hp-news-sml355784981","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागी गांव में दूसरे दिन भी सुलगते रहे आशियाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागी गांव में दूसरे दिन भी सुलगते रहे आशियाने
विज्ञापन
बागी गांव में प्रभावित परिवारों से मिलते शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज।
- फोटो : RAMPUR-HP
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहड़ू। बागी गांव में जले हुए मकानों से दूसरे दिन भी धुआं उठता रहा। दमकल वाहन दिन भर जले हुए आशियानों पर पानी डालते रहे। अपने जले आशियानों को देखकर प्रभावित परिवार के सदस्य अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहे थे। रिश्तेदार और आसपास के ग्रामीण दिन भर प्रभावित परिवारों को हौसला देते रहे। वहीं, प्रशासन की ओर से दूसरे दिन प्रभावित परिवारों के लिए सामूहिक लंगर की व्यवस्था की गई। स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं खाना बनाकर प्रभावित परिवार के सदस्यों को खिलाया।
सर्द मौसम में प्रभावित परिवारों को आसपास के ग्रामीणों ने अपने घरों में शरण दी है। प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से गैस चूल्हे और राशन सामग्री व बर्तन दिए गए हैं।
शनिवार को दिन भर आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार प्रभावितों को ढांढस बंधवाते दिखे। लेकिन फिर से घर कैसे तैयार होगा, घर बनाने के लिए पैसा कहां से आएगा यही सवाल प्रभावित परिवार सभी से कर रहे थे। अग्निकांड में सब कुछ खो चुके परिवार के सवालों का जवाब कोई नहीं दे पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्द मौसम में प्रभावित परिवारों को आसपास के ग्रामीणों ने अपने घरों में शरण दी है। प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से गैस चूल्हे और राशन सामग्री व बर्तन दिए गए हैं।
विज्ञापन
शनिवार को दिन भर आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार प्रभावितों को ढांढस बंधवाते दिखे। लेकिन फिर से घर कैसे तैयार होगा, घर बनाने के लिए पैसा कहां से आएगा यही सवाल प्रभावित परिवार सभी से कर रहे थे। अग्निकांड में सब कुछ खो चुके परिवार के सवालों का जवाब कोई नहीं दे पाया।
विज्ञापन