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वजीर-बावड़ी में भूस्खलन से हादसों का खौफ
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बजीर बावड़ी निरमंड मार्ग पर वजीर बावड़ी के पास गिरा मलबा।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। निरमंड मार्ग पर वजीर बावड़ी के पास भूस्खलन का अंदेशा है। बीते दिनों वजीर-बावड़ी ढांक से भूस्खलन होने के कारण एक युवक को जान गंवानी पड़ी। इस हादसे के बाद निरमंड तहसील के हजारों लोगों में खौफ बना हुआ है।
इस सड़क पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है।
इससे पहले भी यहां भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो चुकी है। क्षेत्र के लोगों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ रोष है। सुरक्षा के लिहाज से यहां कोई भी पुख्ता बंदोबस्त नहीं हो पाए हैं। जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द से जल्द यहां उचित समाधान नहीं तलाशा जाता तो वे सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
डीम पंचायत की प्रधान शिवानी ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष कुल्लू दिवान सिंह, अध्यक्ष बार एसोसिएशन निरमंड अधिवक्ता सीएल डोगरा, रोशना ठाकुर, आरएल चौहान, प्रेम ठाकुर, बलराज, केशव ठाकुर, पिंकी, मोती राम ठाकुर, बेली राम ठाकुर, नाथू राम डोगरा, भास्कर शर्मा, डीआर ठाकुर, डीके शर्मा ने कहा कि वजीर बावड़ी निरमंड मार्ग से क्षेत्र की 32 पंचायतों के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। वजीर बावड़ी ढांक में भूस्खलन से हादसे के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों में खौफ का माहौल है। भविष्य में यहां पर दुर्घटना का भय सता रहा है।
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लोगों ने आरोप लगाया कि विद्युत परियोजना की एडिट टनल के काम में भारी विस्फोट के कारण वजीर बावड़ी ढांक का ढांचा अस्त-व्यस्त हो चुका है। इससे हमेशा हादसे का अंदेशा रहता है। इस ढांक में भूस्खलन होने के कारण कई लोग जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार की अभी भी नींद नहीं खुली है। कोरोना काल में निरमंड तहसील की 32 पंचायतों के हजारों लोगों को पहले ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस टैक्सी का किराया, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, कोर्ट-कचहरी समय पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन हालातों को मद्देनजर रखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों और जनता ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि वजीर बावड़ी ढांक का भूविज्ञान विभाग द्वारा सही तरीके से निरीक्षण किया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि या तो यहां अवेरी नोगली के बीच में एक पुल की व्यवस्था की जाए। अन्यथा वाया शटलधार से वजीर बावड़ी पुल होकर सड़क की व्यवस्था की जाए।
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इस सड़क पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है।
इससे पहले भी यहां भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो चुकी है। क्षेत्र के लोगों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ रोष है। सुरक्षा के लिहाज से यहां कोई भी पुख्ता बंदोबस्त नहीं हो पाए हैं। जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द से जल्द यहां उचित समाधान नहीं तलाशा जाता तो वे सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
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डीम पंचायत की प्रधान शिवानी ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष कुल्लू दिवान सिंह, अध्यक्ष बार एसोसिएशन निरमंड अधिवक्ता सीएल डोगरा, रोशना ठाकुर, आरएल चौहान, प्रेम ठाकुर, बलराज, केशव ठाकुर, पिंकी, मोती राम ठाकुर, बेली राम ठाकुर, नाथू राम डोगरा, भास्कर शर्मा, डीआर ठाकुर, डीके शर्मा ने कहा कि वजीर बावड़ी निरमंड मार्ग से क्षेत्र की 32 पंचायतों के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। वजीर बावड़ी ढांक में भूस्खलन से हादसे के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों में खौफ का माहौल है। भविष्य में यहां पर दुर्घटना का भय सता रहा है।
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लोगों ने आरोप लगाया कि विद्युत परियोजना की एडिट टनल के काम में भारी विस्फोट के कारण वजीर बावड़ी ढांक का ढांचा अस्त-व्यस्त हो चुका है। इससे हमेशा हादसे का अंदेशा रहता है। इस ढांक में भूस्खलन होने के कारण कई लोग जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार की अभी भी नींद नहीं खुली है। कोरोना काल में निरमंड तहसील की 32 पंचायतों के हजारों लोगों को पहले ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस टैक्सी का किराया, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, कोर्ट-कचहरी समय पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन हालातों को मद्देनजर रखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों और जनता ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि वजीर बावड़ी ढांक का भूविज्ञान विभाग द्वारा सही तरीके से निरीक्षण किया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि या तो यहां अवेरी नोगली के बीच में एक पुल की व्यवस्था की जाए। अन्यथा वाया शटलधार से वजीर बावड़ी पुल होकर सड़क की व्यवस्था की जाए।