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Rampur Bushahar News: मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर किसानों का अनशन जारी
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किसान सभा लूहरी हाईड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित किसानों के साथ तीसरे दिन नीरथ में धरना प्रदर्शन कर
लूहरी परियोजना प्रभावित 16 पंचायतों के किसानों ने खोला है मोर्चा
कहा-लाडा की राशि भी नहीं की जा रही है जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रबंधन के खिलाफ किसानों और परियोजना प्रभावितों ने अपनी मांगों को लेकर तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर लूहरी परियोजना प्रभावित 16 पंचायतों के किसानों ने परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोला है। करीब 80 किसान क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक नीरथ में परियोजना के खिलाफ किसानों ने नारेबाजी की और परियोजना निर्माण कार्य को रोक दिया। परियोजना प्रभावित लोगों को कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद व किसानों ने कहा कि प्रशासन और परियोजना प्रबंधन प्रभावित पंचायतों के किसानों और प्रभावितों की अनदेखी कर रही है। लाडा की राशि भी जारी नहीं की जा रही है। किसान अपनी मांगों के साथ प्रभावित सभी पंचायतों में पेयजल और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करवाने, शनाह में सतलुज नदी पर फुटब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने चेताया कि जब तक परियोजना प्रबंधन प्रभावितों की मांगों को लेकर ठोस निर्णय नहीं लेता है, तब तक प्रभावितों का क्रमिक अनशन जारी रहेगा। इन मांगों को लेकर वीरवार को प्रशासन, परियोजना प्रबंधक और किसान सभा के बीच बैठक भी हुई, लेकिन अभी तक कोई समाधान न होने से परियोजना प्रभावितों ने क्रमिक अनशन जारी रखा है।
डीसी शिमला और कुल्लू के पास जमा कर दी राशि
निर्माणाधीन 210 लूहरी परियोजना के प्रमुख विवेक शर्मा ने बताया कि परियोजना से प्रभावित किसानों और अन्य लोगों के साथ वीरवार को तहसीलदार रामपुर के साथ बैठक हुई। इस बैठक में उनकी मांगों को जल्द पूरा करने का मामला उठाया है। इन परियोजना प्रभावितों की मुआवजा राशि डीसी शिमला और डीसी कुल्लू के पास जमा कर दी है। उपायुक्त कुल्लू और उपायुक्त शिमला से मांग की है जल्द उनका मुआवजा राशि जारी करें, ताकि प्रभावित परिवारों को परेशानी न हो। प्रभावितों अन्य मांगों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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- संवाद
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कहा-लाडा की राशि भी नहीं की जा रही है जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रबंधन के खिलाफ किसानों और परियोजना प्रभावितों ने अपनी मांगों को लेकर तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर लूहरी परियोजना प्रभावित 16 पंचायतों के किसानों ने परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोला है। करीब 80 किसान क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक नीरथ में परियोजना के खिलाफ किसानों ने नारेबाजी की और परियोजना निर्माण कार्य को रोक दिया। परियोजना प्रभावित लोगों को कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद व किसानों ने कहा कि प्रशासन और परियोजना प्रबंधन प्रभावित पंचायतों के किसानों और प्रभावितों की अनदेखी कर रही है। लाडा की राशि भी जारी नहीं की जा रही है। किसान अपनी मांगों के साथ प्रभावित सभी पंचायतों में पेयजल और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करवाने, शनाह में सतलुज नदी पर फुटब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने चेताया कि जब तक परियोजना प्रबंधन प्रभावितों की मांगों को लेकर ठोस निर्णय नहीं लेता है, तब तक प्रभावितों का क्रमिक अनशन जारी रहेगा। इन मांगों को लेकर वीरवार को प्रशासन, परियोजना प्रबंधक और किसान सभा के बीच बैठक भी हुई, लेकिन अभी तक कोई समाधान न होने से परियोजना प्रभावितों ने क्रमिक अनशन जारी रखा है।
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डीसी शिमला और कुल्लू के पास जमा कर दी राशि
निर्माणाधीन 210 लूहरी परियोजना के प्रमुख विवेक शर्मा ने बताया कि परियोजना से प्रभावित किसानों और अन्य लोगों के साथ वीरवार को तहसीलदार रामपुर के साथ बैठक हुई। इस बैठक में उनकी मांगों को जल्द पूरा करने का मामला उठाया है। इन परियोजना प्रभावितों की मुआवजा राशि डीसी शिमला और डीसी कुल्लू के पास जमा कर दी है। उपायुक्त कुल्लू और उपायुक्त शिमला से मांग की है जल्द उनका मुआवजा राशि जारी करें, ताकि प्रभावित परिवारों को परेशानी न हो। प्रभावितों अन्य मांगों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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