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पारंपरिक वेशभूषा में ग्रामीणों ने डाली नाटी
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शिमला के कोटगढ़ क्षेत्र में ऐतिहासिक शड़ावग मेले में नाटी डालते लोग और बीच में चलता देव नृत्य। सं
- फोटो : RAMPUR-HP
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कोटगढ़ क्षेत्र का ऐतिहासिक मेला शड़ावग (थानाधार) कोरोना के चलते दो साल बाद आयोजित किया गया। इस वर्ष मेले में देवता डोम गुठान ने 22 वर्ष बाद शिरकत की। वीरवार को अपने देवलुओं के साथ देवता डोम पमलाई पहुंचे। शुक्रवार को दोनों देवता अपने देवलुओं के साथ पमलाई गांव से मेला मैदान पहुंचे। देव मिलन के लिए हजारों लोग साक्षी बने। देवताओं ने डेढ़ फेर नाटी लगाई। इसके बाद देवता नाग हिमतला से मिले।
मेले में गुठान देवताओं का चोल्टु नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। पूरे दिन मेले में नाटियों का दौर चलता रहा। मंदिर कमेटी और पंचायत ने लोगों से अपील की थी कि वे पारंपरिक वेशभूषा में मेले में आएं। मेेले में महिलाएं जहां कोटगढ़ के रेजटे में आईं, वहीं पुरुष पजामा, कुर्ते और सलूके में आए। पूरा दिन नाटी का दौर चलता रहा। लोगों ने दोनों देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर कमेटी के प्रधान हरि ओम और मुकेश चौहान ने बताया कि 22 साल बाद मेले में डोम गुठान देवता पहुंचे हैं। ऐसे में डोम पमलाई के साथ यह पल कोटगढ़ के लोगों के लिए यादगार है। चोल्टू नृत्य मेले में आकर्षण का केंद्र रहा। देवता डोम गुठान कोटगढ़ क्षेत्र में चार दिन तक रहेंगे। वहीं थानाधार पंचायत के प्रधान संदीप शरोल ने बताया कि मेले को लेकर यातायात प्लान बनाया गया है। पुलिस और प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है।
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मेले में गुठान देवताओं का चोल्टु नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। पूरे दिन मेले में नाटियों का दौर चलता रहा। मंदिर कमेटी और पंचायत ने लोगों से अपील की थी कि वे पारंपरिक वेशभूषा में मेले में आएं। मेेले में महिलाएं जहां कोटगढ़ के रेजटे में आईं, वहीं पुरुष पजामा, कुर्ते और सलूके में आए। पूरा दिन नाटी का दौर चलता रहा। लोगों ने दोनों देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
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मंदिर कमेटी के प्रधान हरि ओम और मुकेश चौहान ने बताया कि 22 साल बाद मेले में डोम गुठान देवता पहुंचे हैं। ऐसे में डोम पमलाई के साथ यह पल कोटगढ़ के लोगों के लिए यादगार है। चोल्टू नृत्य मेले में आकर्षण का केंद्र रहा। देवता डोम गुठान कोटगढ़ क्षेत्र में चार दिन तक रहेंगे। वहीं थानाधार पंचायत के प्रधान संदीप शरोल ने बताया कि मेले को लेकर यातायात प्लान बनाया गया है। पुलिस और प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है।
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