{"_id":"6236149afd0e0f418872f32a","slug":"fag-fair-festival-celebreted-in-chamba-rampur-hp-news-sml40302751","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढोल और नगाड़ों की गूंज से देवमयी हुआ रामपुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढोल और नगाड़ों की गूंज से देवमयी हुआ रामपुर
विज्ञापन
रामपुर पदम पलैस में राजपरिवार को आशीर्वाद देने पहुंचे दरकाली के देवता
- फोटो : RAMPUR-HP
धर्मेंद्र सिंह बोज्ञाटो
रामपुर बुशहर। हर ओर ढोल-नगाड़ों, रणसिंघों, करनाल और शहनाई जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों से रामपुर शहर भक्तिमय हो गया है। शनिवार को देवताओं के आगमन के साथ ही शहर में लोगों की भीड़ देव दर्शन के लिए उमड़ना शुरू हुई तो वहीं देवलुओं के पारंपरिक नृत्य ने सबका मन मोह लिया। इससे पूरा रामपुर शहर देवमयी हो उठा।
चार दिवसीय जिला स्तरीय फाग मेले में पहुंचे 20 देवी-देवताओं के साथ इस दौरान सैकड़ों देवलु भी पहुंचे हैं। इस दौरान दिन भर राजमहल परिसर में पारंपरिक नाटियों की धूम रही। चार दिन तक चलने वाले मेले में राजमहल परिसर खच्चाखच भरा रहा। सभी देवलु अपने-अपने देवताओं के सम्मान में नाटी डालते रहे। अब चार दिनों जक सुबह और शाम यहां पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनें शहरवासियों के दिलों में आस्था भरती रहेंगी।
मदिरों में देवताओं की सुबह और शाम नियमित पूजन के दौरान वाद्ययंत्रों की धुनें गूंजती रहेंगी। देवी-देवताओं के साथ आए सैकड़ों देवलुओं में अपने देवताओं के प्रति आस्था कूट-कूट कर भरी होती है। इसका जीता जागता परिणाम मेले में साफ देखने को मिलता है। कई देवताओं के साथ देवरथ उठाने वाले देवलु नंगे पांव चलते हैं। वहीं देवताओं के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
विज्ञापन
फाग मेले में यह देवी देवता हुए शामिल
चार दिवसीय फाग मेेले में देवता साहिब रचोली, देवता साहिब बसाहरू, देवता साहिब गसो, देवता साहिब शिंगला, देवा साहिब डंसा, देवगी साहिबा बाड़ी, देवा साहिबा धारा सरगा, देवता साहिब बांद्रली, देवता साहिब लक्ष्मी नारायण दरकाली, देवी साहिबा खमाड़ी, देवता साहिब बेलू, देवता साहिब पंचबीर कमडाली बौंडा सराहन, देवी साहिबा दमासनी गांववील, श्राईकोट देवी, देवता साहिब छिज्जा कालेश्वर देवठी, देवता साहिब लालसा, देवी साहिबा लाटी जाहरी खडखाग झाकड़ी, देवता साहिब, छोटू कीम, देवता शनेेेरी और देवता चाटी शामिल हुए।
विज्ञापन
रामपुर बुशहर। हर ओर ढोल-नगाड़ों, रणसिंघों, करनाल और शहनाई जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों से रामपुर शहर भक्तिमय हो गया है। शनिवार को देवताओं के आगमन के साथ ही शहर में लोगों की भीड़ देव दर्शन के लिए उमड़ना शुरू हुई तो वहीं देवलुओं के पारंपरिक नृत्य ने सबका मन मोह लिया। इससे पूरा रामपुर शहर देवमयी हो उठा।
चार दिवसीय जिला स्तरीय फाग मेले में पहुंचे 20 देवी-देवताओं के साथ इस दौरान सैकड़ों देवलु भी पहुंचे हैं। इस दौरान दिन भर राजमहल परिसर में पारंपरिक नाटियों की धूम रही। चार दिन तक चलने वाले मेले में राजमहल परिसर खच्चाखच भरा रहा। सभी देवलु अपने-अपने देवताओं के सम्मान में नाटी डालते रहे। अब चार दिनों जक सुबह और शाम यहां पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनें शहरवासियों के दिलों में आस्था भरती रहेंगी।
विज्ञापन
मदिरों में देवताओं की सुबह और शाम नियमित पूजन के दौरान वाद्ययंत्रों की धुनें गूंजती रहेंगी। देवी-देवताओं के साथ आए सैकड़ों देवलुओं में अपने देवताओं के प्रति आस्था कूट-कूट कर भरी होती है। इसका जीता जागता परिणाम मेले में साफ देखने को मिलता है। कई देवताओं के साथ देवरथ उठाने वाले देवलु नंगे पांव चलते हैं। वहीं देवताओं के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
विज्ञापन
फाग मेले में यह देवी देवता हुए शामिल
चार दिवसीय फाग मेेले में देवता साहिब रचोली, देवता साहिब बसाहरू, देवता साहिब गसो, देवता साहिब शिंगला, देवा साहिब डंसा, देवगी साहिबा बाड़ी, देवा साहिबा धारा सरगा, देवता साहिब बांद्रली, देवता साहिब लक्ष्मी नारायण दरकाली, देवी साहिबा खमाड़ी, देवता साहिब बेलू, देवता साहिब पंचबीर कमडाली बौंडा सराहन, देवी साहिबा दमासनी गांववील, श्राईकोट देवी, देवता साहिब छिज्जा कालेश्वर देवठी, देवता साहिब लालसा, देवी साहिबा लाटी जाहरी खडखाग झाकड़ी, देवता साहिब, छोटू कीम, देवता शनेेेरी और देवता चाटी शामिल हुए।