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मजदूरों ने नप और श्रम विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा
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रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू ने बुधवार को नगर परिषद और श्रम विभाग कार्यालय के बाहर मोर्चा खोला। मजदूरों ने मांगों को लेकर प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने चेताते हुए कहा कि यदि मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।
सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह और यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र ने कहा आज भाजपा सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश की सार्वजनिक संपत्तियों को बेच कर मजदूरों पर हमले कर रही है। नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन द्वारा बीते 2 सितंबर 2019 को प्रबंधन और ठेकेदार को 11 सूत्री मांग पत्र दिया गया था। यूनियन ने मजदूरों को हर माह की 7 तारीख से पहले वेतन मिलना, वेतन स्लिप देना, आईकार्ड देना, साल में दो जोड़ी वर्दी और कानूनी रूप से मिलने वाली छुट्टियां देने सहित अन्य मांगें रखी थी, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। यूनियन ने नप प्रशासन और ठेकेदार पर आरोप लगाया है कि नगर परिषद के अंदर सफाई मजदूरों की उचित मांगों को अनदेखा करना उनके तानाशाही रवैये को दर्शाता है। मजदूरों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। साप्ताहिक अवकाश के अलावा मिलने वाली छुट्टियां अभी तक मजदूरों को नहीं मिल रही हैं। ठेकेदार और नगर परिषद प्रशासन श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
यूनियन ने चेताते हुए कहा कि यदि नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदार ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और नगर परिषद क्षेत्र में सफाई के सभी कार्य ठप कर दिए जाएंगे।
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इस मौके पर यूनियन महासचिव ललिता, कोषाध्यक्ष मंजू, सुशीला, अमित, मनिता, नीलम, प्रेम, मोहित, अमन और रजनी सहित कई अन्य मजदूर मौजूद रहे।
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सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह और यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र ने कहा आज भाजपा सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश की सार्वजनिक संपत्तियों को बेच कर मजदूरों पर हमले कर रही है। नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन द्वारा बीते 2 सितंबर 2019 को प्रबंधन और ठेकेदार को 11 सूत्री मांग पत्र दिया गया था। यूनियन ने मजदूरों को हर माह की 7 तारीख से पहले वेतन मिलना, वेतन स्लिप देना, आईकार्ड देना, साल में दो जोड़ी वर्दी और कानूनी रूप से मिलने वाली छुट्टियां देने सहित अन्य मांगें रखी थी, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। यूनियन ने नप प्रशासन और ठेकेदार पर आरोप लगाया है कि नगर परिषद के अंदर सफाई मजदूरों की उचित मांगों को अनदेखा करना उनके तानाशाही रवैये को दर्शाता है। मजदूरों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। साप्ताहिक अवकाश के अलावा मिलने वाली छुट्टियां अभी तक मजदूरों को नहीं मिल रही हैं। ठेकेदार और नगर परिषद प्रशासन श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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यूनियन ने चेताते हुए कहा कि यदि नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदार ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और नगर परिषद क्षेत्र में सफाई के सभी कार्य ठप कर दिए जाएंगे।
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इस मौके पर यूनियन महासचिव ललिता, कोषाध्यक्ष मंजू, सुशीला, अमित, मनिता, नीलम, प्रेम, मोहित, अमन और रजनी सहित कई अन्य मजदूर मौजूद रहे।