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Rampur Bushahar News: ननखड़ी के 10 और सराहन के 11 स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी
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रामपुर बुशहर। छात्रों के इंतजार में तरसे ननखड़ी शिक्षा खंड के माध्यमिक और प्राथमिक पाठशालाओं को बंद करने के सरकार ने फरमान जारी कर दिए हैं। प्रदेशभर में जहां कुल 228 स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं जिला शिमला के शिक्षा खंड ननखड़ी के तहत 10 और शिक्षा खंड सराहन के तहत 11 स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
पिछले दो से तीन सालों से इन दाखिले नहीं होने से इन स्कूलों को डिनोटिफाई किया गया है। गौर हो कि पूर्व में रही सरकारों ने रामपुर, ननखड़ी और सराहन शिक्षा खंड में कई स्कूल खोले थे। इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में नौनिहालों को घरद्वार पर शिक्षा मुहैया करवाना था। लेकिन वर्ष दर वर्ष इन स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार गिरती रही।
वहीं शहरीकरण के चलते अभिभावकों में निजी स्कूलों में पढ़ाई करवाने की होड़ भी इन शिक्षण संस्थानों के बंद होने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इन क्षेत्रों से अब बेहतर शिक्षा के लिए अभिभावक बच्चों को लेकर शहर के लिए पलायन कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से तैयार स्कूल भवन जर्जर होते जा रहे हैं। वहीं छात्रों के दाखिले न होने के कारण अब ये भवन मात्र शोपीस बनकर रहकर जाएंगे।
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शिक्षा खंड ननखड़ी की माध्यमिक पाठशाला खनोग, जुन्नी, धनेवटी चेबड़ी, देवनगर, बई आदर्श नगर, नागाधार और कलेडा, प्राथमिक पाठशाला धनेवटी चेबड़ी, कलमोग, लॉघटी, शिक्षा खंड सराहन की प्राथमिक पाठशाला थड़ा, छोटा रुनपू, खुडना, काओधार, बडावन, रोपनी, शिनती, शमकोर, टिक्कर, दारन और कोटी को बंद कर दिया गया है। खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ननखड़ी आसी राम रोच ने बताया कि ननखड़ी क्षेत्र के कई स्कूलों में बीते कई सालों से छात्रों के दाखिले नहीं हो रहे थे, जिन्हें अब सरकार ने बंद करने निर्णय लिया है।
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पिछले दो से तीन सालों से इन दाखिले नहीं होने से इन स्कूलों को डिनोटिफाई किया गया है। गौर हो कि पूर्व में रही सरकारों ने रामपुर, ननखड़ी और सराहन शिक्षा खंड में कई स्कूल खोले थे। इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में नौनिहालों को घरद्वार पर शिक्षा मुहैया करवाना था। लेकिन वर्ष दर वर्ष इन स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार गिरती रही।
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वहीं शहरीकरण के चलते अभिभावकों में निजी स्कूलों में पढ़ाई करवाने की होड़ भी इन शिक्षण संस्थानों के बंद होने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इन क्षेत्रों से अब बेहतर शिक्षा के लिए अभिभावक बच्चों को लेकर शहर के लिए पलायन कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से तैयार स्कूल भवन जर्जर होते जा रहे हैं। वहीं छात्रों के दाखिले न होने के कारण अब ये भवन मात्र शोपीस बनकर रहकर जाएंगे।
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शिक्षा खंड ननखड़ी की माध्यमिक पाठशाला खनोग, जुन्नी, धनेवटी चेबड़ी, देवनगर, बई आदर्श नगर, नागाधार और कलेडा, प्राथमिक पाठशाला धनेवटी चेबड़ी, कलमोग, लॉघटी, शिक्षा खंड सराहन की प्राथमिक पाठशाला थड़ा, छोटा रुनपू, खुडना, काओधार, बडावन, रोपनी, शिनती, शमकोर, टिक्कर, दारन और कोटी को बंद कर दिया गया है। खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ननखड़ी आसी राम रोच ने बताया कि ननखड़ी क्षेत्र के कई स्कूलों में बीते कई सालों से छात्रों के दाखिले नहीं हो रहे थे, जिन्हें अब सरकार ने बंद करने निर्णय लिया है।