फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Eco Tourism Management Society meeting in Rampur

Rampur Bushahar News: रेस्ट हाउस और पार्कों में पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के लिए रखे जाएंगे आउटसोर्स कर्मी

Wed, 20 Nov 2024 11:45 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 11:45 PM IST
विज्ञापन
वन विभाग में स्वयं सहायता समूह, युवाओं और पंजीकृत सोसायटी को मिलेगा रोजगार
विज्ञापन


रामपुर में इको टूरिज्म मैनेजमेंट सोसायटी की बैठक में लिए कई निर्णय

सीसीएफ की अध्यक्षता शिमला, कुल्लू और किन्नौर के लिए बनाई योजनाएं

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। पर्यटन स्थलों में वन विभाग के रेस्ट हाउस और पार्कों में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती की जाएगी। शिमला, कुल्लू और किन्नौर जिले में वन विभाग के रेस्ट हाउस और बायो डायवर्सिटी पार्क में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों, युवक मंडलों और पंजीकृत सोसायटी के सदस्यों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। वन विभाग आउटसोर्स के जरिये रेस्ट हाउस और पार्कों में कर्मचारियों की तैनाती करेगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ वन विभाग को अच्छा-खासा राजस्व भी मिल सके। बुधवार को रामपुर में इको टूरिज्म मैनेजमेंट सोसायटी की बैठक हुई, जिसमें शिमला, कुल्लू और किन्नौर के जिला परिषद सदस्यों और अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के बारे में सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव दिए।

वन विभाग की इको टूरिज्म मैनेजमेंट सोसायटी की बैठक वन विभाग के मुख्य अरण्यपाल के थिरुमल की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक का उद्देश्य शिमला, किन्नौर और कुल्लू जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुविधाओं को देखते हुए आवश्यक सुधार करना था। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष शिमला चंद्रप्रभा नेगी, जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू पंकज परमार और किन्नौर जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस समेत वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। तीनों जिला परिषद अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सुझाव रखे। बैठक में निर्णय लिया कि वन विभाग के जिन रेस्ट हाउस में चौकीदार और कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं, उन्हें आउससोर्स के जरिये भरा जाएगा, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को रहने के साथ-साथ खाने-पीने की सुविधा मिल सके। इस मौके पर डीएफओ रामपुर गुरुहर्ष सिंह, वन विकास निगम के डीएफओ हरदेव नेगी, डीएफओ वाइल्ड लाइफ किन्नौर अशोक नेगी, बीओ सराहन कुंदन नेगी सहित राजस्व विभाग से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन

ऊपरी हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं
मुख्य अरण्यपाल के थिरुमल ने बताया कि रेस्ट हाउस और बायो डायवर्सिटी पार्क के जरिये प्राप्त आय का 60 प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जाता है, जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार को इससे 20-20 प्रतिशत राजस्व प्राप्त होता है। ऊपरी हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सुविधाओं की अभी दरकार है, जिसको लेकर इको टूरिज्म सोसायटी की बैठक में कई निर्णय लिए हैं। इसके तहत रेस्ट हाउस में पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए पुख्ता इंतेजाम, पार्कों का निर्माण, साइक्लिस्टों के लिए नए ट्रेक का निर्माण करना, इको ट्रेल और ट्रैक पर पर्यटकों से प्रवेश शुल्क लेना, इको टूरिज्म के कुछ ट्रैकों पर साइकिल का इस्तेमाल करने सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed