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रोना काल में डॉक्टरों के तबादले पर भड़की युकां
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। कोरोना महामारी के दौर में जहां एक ओर सारा समाज स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट कर रहा है, वहीं किन्नौर से अचानक करीब 15 डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है जो दुखद विषय है। यह बात किन्नौर युकां अध्यक्ष अधिवक्ता प्रताप नेगी और मीडिया प्रभारी केसर नेगी ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में कही।
प्रताप नेगी ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने किन्नौर के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया है और महामारी के दौर में अचानक 15 चिकित्सकों का जिला के बाहर तबादला किया जाना वर्तमान सरकार का किन्नौर के प्रति सौतेलेपन को साबित करता है। नेगी ने कहा कि जिले से छह चिकित्सक स्नातकोत्तर (पीजी) के लिए चयनित हुए हैं और 9 चिकित्सकों का तबादला किया गया है। जाहिर है कि जिला किन्नौर से एक साथ 15 चिकित्सक जिले से बाहर जा रहे हैं। ऐसे में जिले के अंदर चिकित्सा व्यवस्था कैसी होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। क्षेत्रीय अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी सालों से चल रही है। किन्नौर के नौ विशेषज्ञ चिकित्सक टांडा और आईजीएमसी से पास आउट हुए हैं, लेकिन किसी भी स्थानीय विशेषज्ञ डॉक्टर को क्षेत्रीय अस्पताल में नियुक्ति इस सरकार ने नहीं दी है। युकां पदाधिकारियों ने चेताते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार किन्नौर के साथ सौतेलापन करना बंद नहीं करेगी और शीघ्र चिकित्सकों के पदों को नहीं भरेगी तो किन्नौर युवा कांग्रेस उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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प्रताप नेगी ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने किन्नौर के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया है और महामारी के दौर में अचानक 15 चिकित्सकों का जिला के बाहर तबादला किया जाना वर्तमान सरकार का किन्नौर के प्रति सौतेलेपन को साबित करता है। नेगी ने कहा कि जिले से छह चिकित्सक स्नातकोत्तर (पीजी) के लिए चयनित हुए हैं और 9 चिकित्सकों का तबादला किया गया है। जाहिर है कि जिला किन्नौर से एक साथ 15 चिकित्सक जिले से बाहर जा रहे हैं। ऐसे में जिले के अंदर चिकित्सा व्यवस्था कैसी होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। क्षेत्रीय अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी सालों से चल रही है। किन्नौर के नौ विशेषज्ञ चिकित्सक टांडा और आईजीएमसी से पास आउट हुए हैं, लेकिन किसी भी स्थानीय विशेषज्ञ डॉक्टर को क्षेत्रीय अस्पताल में नियुक्ति इस सरकार ने नहीं दी है। युकां पदाधिकारियों ने चेताते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार किन्नौर के साथ सौतेलापन करना बंद नहीं करेगी और शीघ्र चिकित्सकों के पदों को नहीं भरेगी तो किन्नौर युवा कांग्रेस उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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