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नाथपा-झाकड़ी में हो रही 87 पदों की भर्ती में विस्थापितों को मिले प्राथमिकता : कौल
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विस्थापितों के लिए बनी रोजगार भर्ती नीति का पालन और कोटा निर्धारित करने की उठाई मांग
रोजगार न मिलने से 16 पंचायतों के विस्थापितों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नाथपा-झाकड़ी परियोजना में 87 पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं। रामपुर भाजपा परियोजना के विस्थापितों के लिए बनाई रोजगार भर्ती नीति और कोटा निर्धारित कर स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग उठाई है। विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर भर्ती करने का परियोजना प्रबंधन से आह्वान किया है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गौर नहीं हुआ, तो इसका विरोध जताया जाएगा। भाजपा नेता कौल सिंह ने कहा कि काफी समय बाद नाथपा-झाकड़ी परियोजना में 87 पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं, जिसे परियोजना ने हिमाचल स्तर में साक्षात्कार करवाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि परियोजना का यह निर्णय 27 दिसंबर 1991 पॉलिसी का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि पाॅलिसी के मुताबिक पहली प्राथमिकता विस्थापित परिवारों को कोटा दिया जाना था, वो रिजर्वेशन इसमें नहीं रखा गया है। इस निर्णय से 16 पंचायतों के विस्थापित और प्रभावित लोगों में परियोजना के प्रति भारी रोष है। जिला शिमला और जिला किन्नौर में नाथपा-झाकड़ी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण वार्ड संख्या 10/91-1/91 की 2908 बीघा 3 बिस्वा भूमि अधिग्रहण की गई, जिसमें कुल 3904 लोगों की भूमि का अधिग्रहण हुआ। इसमें परियोजना ने 3424 प्रभावित परिवार और 480 विस्थापित परिवार दर्शाए गए हैं। इन 480 विस्थापित परिवारों को भूमि अधिग्रहण के बदले सीधी भर्ती के माध्यम से स्थायी रोजगार दिया जाना था, क्योंकि स्थानीय लोग कृषक थे। उनके जीने का साधन कृषि, पशुपालन और बागवानी था। इनके खेत-खलिहान, घर बार सब राष्ट्रहित में परियोजना निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया है, इसलिए यह रोजगार रिजर्वेशन रखी गई थी। उन्होंने कहा कि झाकड़ी परियोजना ने इस बार जो भर्तियां निकाली हैं, उसका स्थानीय विस्थापित परिवार विरोध कर रहे हैं। इस भर्ती में विस्थापितों का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि विस्थापितों को इस भर्ती का लाभ नहीं मिलता है, तो इसका विरोध किया जाएगा।
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रोजगार न मिलने से 16 पंचायतों के विस्थापितों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नाथपा-झाकड़ी परियोजना में 87 पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं। रामपुर भाजपा परियोजना के विस्थापितों के लिए बनाई रोजगार भर्ती नीति और कोटा निर्धारित कर स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग उठाई है। विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर भर्ती करने का परियोजना प्रबंधन से आह्वान किया है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गौर नहीं हुआ, तो इसका विरोध जताया जाएगा। भाजपा नेता कौल सिंह ने कहा कि काफी समय बाद नाथपा-झाकड़ी परियोजना में 87 पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं, जिसे परियोजना ने हिमाचल स्तर में साक्षात्कार करवाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि परियोजना का यह निर्णय 27 दिसंबर 1991 पॉलिसी का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि पाॅलिसी के मुताबिक पहली प्राथमिकता विस्थापित परिवारों को कोटा दिया जाना था, वो रिजर्वेशन इसमें नहीं रखा गया है। इस निर्णय से 16 पंचायतों के विस्थापित और प्रभावित लोगों में परियोजना के प्रति भारी रोष है। जिला शिमला और जिला किन्नौर में नाथपा-झाकड़ी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण वार्ड संख्या 10/91-1/91 की 2908 बीघा 3 बिस्वा भूमि अधिग्रहण की गई, जिसमें कुल 3904 लोगों की भूमि का अधिग्रहण हुआ। इसमें परियोजना ने 3424 प्रभावित परिवार और 480 विस्थापित परिवार दर्शाए गए हैं। इन 480 विस्थापित परिवारों को भूमि अधिग्रहण के बदले सीधी भर्ती के माध्यम से स्थायी रोजगार दिया जाना था, क्योंकि स्थानीय लोग कृषक थे। उनके जीने का साधन कृषि, पशुपालन और बागवानी था। इनके खेत-खलिहान, घर बार सब राष्ट्रहित में परियोजना निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया है, इसलिए यह रोजगार रिजर्वेशन रखी गई थी। उन्होंने कहा कि झाकड़ी परियोजना ने इस बार जो भर्तियां निकाली हैं, उसका स्थानीय विस्थापित परिवार विरोध कर रहे हैं। इस भर्ती में विस्थापितों का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि विस्थापितों को इस भर्ती का लाभ नहीं मिलता है, तो इसका विरोध किया जाएगा।