काजा (लाहौल-स्पीति)। स्पीति घाटी के मुख्यालय काजा में विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 6 जून से शुरू होगा। इसमें मैदानी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों से 50 युवा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिस्थितियों के बारे में जानेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। यह युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना जगाने की एक पहल है। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शिखा ने सोमवार को एक बैठक में दी। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम में बिहार, दादरा नगर हवेली और दमन एवं दीव, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के युवा शामिल होंगे। दो चरणों में कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम के लिए कुल दस सीमांत गांवों की पहचान की गई है। प्रत्येक गांव में पांच प्रतिभागियों का एक समूह बनाया जाएगा। चयनित गांवों में काजा खास, काजा सोमा, हल, शेगो, किब्बर, रामा खास, लालुंग, हुरलिंग, गयू और लिरित शामिल हैं। कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को सीमांत क्षेत्रों की जीवनशैली से परिचित करवाना है। यह उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति और विकास को समझने में मदद करेगा। पचास युवा प्रतिभागी विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह अनुभव उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा। यह कार्यक्रम मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। माई भारत हिमाचल प्रदेश भी इसमें सहयोग कर रहा है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और जिला प्रशासन भी इस आयोजन में भागीदार हैं। बैठक में एसडीएम दीक्षित राणा, बीडीओ अंशुल और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।